
सुनामी का नाम सुनते ही कई लोग बुरी तरह जाते हैं. वजह साफ है कि सुनामी जो कहर भरपाती है, उससे कोई भी इलाका पूरी तरह से तहस नहस हो जाता है. यूं तो सुनामी (Tsunami) ने बहुत लोगों की जान ले ली मगर कई लोग बड़े खुशकिस्मत होते हैं. हाल ही में टोंगा (Tonga) ज्वालामुखी फटने के बाद सुनामी की चपेट में एक 57 वर्षीय दिव्यांग शख्स भी आ गए थे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी बल्कि 27 घंटे लगातार पानी में तैरकर अपनी जान बचा ली.
New York पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ज्वालामुखी फटने के बाद कुछ जगहों पर सुनामी आ गई थी. लिसाया फोलौ (Lisala Folau) जो कि दोनों पैर से चल नहीं सकते, वो भी सुनामी की चपेट में आ गए. ये तब हुआ जब वो शाम करीब 6 बजे वो अपने बेटे और भतीजे के साथ बैठे हुए थे. लेकिन इसी दौरान अचानक से सुमद्र से उठी लहरों ने उनके घर को बर्बाद कर दिया. इन्हीं तेज लहरों में वो और उनका पूरा परिवार बह गया.
अब लिसाया फोलौ (Lisala Folau) ने अपनी इस कहानी (Story) को लोगों से शेयर किया. उन्होंने बताया कि उनका बेटा (Son) और भतीजा दोनों उन्हें आवाजें दे रहे थे. लेकिन उन्होंने उसे अनसुना कर दिया क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि वो लोग अपनी जान जोखिम में डालें, लेकिन जब वो वापस आए तो उन्हें पता चला कि उन दोनों का अभी तक कुछ पता नहीं है, इस बात से वो काफी दुखी हैं.
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आपको बता दें कि लिसाया ने खुद को बचाने की कोशिश जारी रखी. इसके लिए उन्होंने एक पेड़ की मदद ली. जब एक बड़ी लहर उन्हें कई किलोमीटर दूर ले गई, तब वो एक आइलैंड पर पहुंच गए. इसी दौरान वो 27 घंटों तक तैरते रहे और 12 किलोमीटर तैरने के बाद वो रात करीब 10 बजे तोंगतापु पहुंचने में कामयाब रहे. हालांकि, उनके लिए निराशा कि खबर ये है कि फिलहाल उनका बेटा और भतीजा गुमशुदा बताये जा रहे हैं
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