Rajasthan News: देशभर में आए दिन किसी ना किसी स्कूल, सरकारी दफ्तर या अदालत को बम से उड़ाने की धमकी भरे फर्जी ईमेल आते रहते हैं. ये हरकत कौन करता है, किसी भी राज्य की साइबर टीम आज तक इसका पता नहीं लगा पाई है. हर बार जब भी ऐसे ईमेल आते हैं तो सुरक्षा प्रॉटोकॉल के तहत उस बिल्डिंग को खाली करवाकर सर्च ऑपरेशन कराना पड़ता है. लेकिन इन धमकी भरे ईमेल्स की 'सीरिज' में यह शायद पहली बार हुआ है जब किसी बिल्डिंग में 'बॉम्ब थ्रेट' के बाद भी अधिकारियों ने लगभग पूरे दिन की ड्यूटी कंप्लीट कर ली हो.
सुबह 7 बजे RTO को मिली थी बम से उड़ाने की धमकी
ये हैरान कर देने वाली घटना राजस्थान के जोधपुर जिले में गुरुवार को घटी. बीजेएस कॉलोनी स्थित रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (Jodhpur RTO) को सुबह 7 बजे किसी ने बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल भेजा. लेकिन हैरत की बात यह रही कि आरटीओ का सर्वर डाउन था, जिस वजह से अधिकारी उस मेल को पढ़ ही नहीं पाए. बम की धमकी के बाद भी पूरे दिन अधिकारी-कर्मचारी ऑफिस में ही रहे और ऑफलाइन हो सकने वाला सारा काम करते रहे. इस दौरान लोगों को आना-जाना भी लगा रहा.
9 घंटे बाद देखा ईमेल, 5 सायनाइड बम की थी धमकी
मेल में दोपहर 1 बजे 5 सायनाइड बम फटने की बात लिखी थी. लेकिन अधिकारियों ने इस ईमेल को शाम करीब 5 बजे सर्वर ठीक होने के बाद पढ़ा, जिसके बाद सभी अपनी कुर्सी छोड़ वहां से भाग निकले. इसके बाद फोन करके महा मंदिर थाना पुलिस समेत डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने आरटीओ ऑफिस के सभी कमरों को खंगाला. लेकिन करीब डेढ़ घंटे चले इस सर्च में कुछ नहीं मिला.
महिला ने भेजा ईमेल, खुद बताया अपना नाम और पता
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इस ईमेल को भेजने वाली महिला ने अपना नाम गैना रमेश बताया है, जो फिलहाल फरीदाबाद की रहने वाली है. उसका परिवार चेन्नई से है और 2016 से जयपुर में रह रहा है. महिला के मुताबिक, जुलाई 2023 में वह अपनी दो सहेलियों, मीना और शुभा, के साथ चेन्नई के एक होटल में गई थी. वहां आकाश भास्करन नाम के एक परिचित व्यक्ति ने उनके जूस में कोई नशीली चीज मिला दी, जिससे उनकी स्थिति खराब हो गई.
तमिलनाडू के तत्कालीन खेल मंत्री पर गंभीर आरोप
महिला का आरोप है कि नशीला जूस पिलाने के बाद उन्हें होटल के एक कमरे में ले जाया गया. वहां तमिलनाडु के तत्कालीन खेल मंत्री और विधायक उदयनिधि स्टालिन मौजूद थे. महिला का दावा है कि राजनीतिक रसूख वाले लोगों द्वारा वहां उनके और उनकी सहेलियों के साथ जबरदस्ती और शारीरिक उत्पीड़न किया गया. जब वे होश में आईं, तो उन्होंने खुद को एक सरकारी अस्पताल में पाया, जहां नर्स ने उनसे कहा कि वे अत्यधिक नशे के कारण बेहोश हो गई थीं.
'FIR दर्ज नहीं हुई तो 1 हफ्ते में सुसाइड कर लूंगी'
महिला का कहना है कि आरोपी के बड़े पद पर होने के कारण पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की. अब वह कोर्ट, पुलिस या डीसी (DC) ऑफिस के जरिए न्याय चाहती हैं. ईमेल में चेतावनी दी गई है कि अगर एक हफ्ते में उन्हें कोई जवाब या मदद नहीं मिली, तो वह अपनी दोनों सहेलियों के साथ आत्महत्या कर लेगी.
साइबर पुलिस की टीम जांच में जुटी
मेल में पैगंबर मोहम्मद साहब के कथित अपमान का बदला लेने की बात लिखी गई है. फिलहाल पुलिस इस दावे की सत्यता की भी जांच कर रही है. जांच एजेंसियां ई-मेल की तकनीकी पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मेल किस आईपी एड्रेस और किस सर्वर से भेजा गया.
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