इस बार देश के कुछ हिस्से बारिश की भारी कमी से जूझ रहे हैं. कुछ राज्यों में औसत से भी कम बारिश दर्ज की गई है. ऐसे में आम आदमी से लेकर किसान, हर कोई चिंतित है. वहीं, जयपुर के विश्वप्रसिद्ध जंतर-मंतर पर मानसून के मिजाज को भांपने के लिए सदियों पुरानी परंपरा निभाई गई. ताकि यह पता लगाया जा सके कि अगले कुछ महीने मानसून का मिजाज क्या रहेगा. आषाढ़ पूर्णिमा के मौके पर बुधवार (29 जुलाई) को सूर्यास्त के समय सम्राट यंत्र पर ध्वज फहराकर 'वायु परीक्षण' किया गया. हवा की चाल और दिशा के इस अध्ययन के आधार पर ज्योतिषाचार्यों ने बारिश को लेकर भविष्यवाणी की.
अच्छी बारिश के मिले संकेत
परीक्षण के दौरान ज्योतिषाचार्यों ने पाया कि ज्यादातर समय हवा का प्रवाह पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर रहा. शास्त्रीय मान्यताओं में पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवा को अच्छी और संतुलित वर्षा का सबसे बड़ा सूचक माना जाता है. हालांकि, बीच-बीच में हवा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) से नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) की ओर भी बहती दिखी, लेकिन मुख्य रुख पूर्व से पश्चिम ही बना रहा. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि आने वाले सावन और भाद्रपद (भादो) महीने में मेघ मेहरबान रहेंगे और अच्छी बारिश देखने को मिलेगी.
-
'कॉकटेल 2' को मिले रिव्यू पर कृति सेनन ने NDTV वर्ल्ड समिट में कहा- फिल्म देखना एक पर्सनल एक्सपीरियंस है -
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?

जंतर-मंतर के सम्राट यंत्र पर ध्वज फहराकर 'वायु परीक्षण' किया गया.
ज्योतिष ऐसे करते हैं आंकलन
ज्योतिषाचार्य पंडित भास्कर शर्मा के अनुसार, महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा बनवाए गए इस ऐतिहासिक सम्राट यंत्र की ऊंचाई करीब 27 मीटर (लगभग 90 फीट) है. इतनी ऊंचाई पर बिना किसी भौगोलिक रुकावट के हवा की रफ्तार और दिशा का सटीक अध्ययन संभव हो पाता है. परंपरा के अनुसार, इस वायु परीक्षण का असर जयपुर और उसके आसपास के लगभग 100 किलोमीटर के क्षेत्र पर मुख्य रूप से देखा जाता है.
जंतर-मंतर के सम्राट यंत्र से मिलती है जानकारी
वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद शास्त्री ने बताया, "यह कोई नई शुरुआत नहीं, बल्कि दशकों पुरानी परंपरा है. जंतर-मंतर का सम्राट यंत्र अपनी खास ऊंचाई के कारण वायु प्रवाह का बिल्कुल सही आंकलन करने में मदद करता है. इस बार के संकेत बेहद सकारात्मक हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अन्य ज्योतिषीय ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव से पूरे प्रदेश में बारिश का पैटर्न एक समान नहीं रहेगा. कहीं भारी से भारी बारिश (अतिवृष्टि) हो सकती है, तो कुछ इलाके ऐसे भी हो सकते हैं जहां बारिश सामान्य या उससे कम रहे.
यह भी पढ़ेंः जयपुर में अंडों के विवाद ने एक मजदूर की ले ली जान, 4 लोगों ने बुरी तरह पीटा, हॉस्पिटल में तोड़ा दम
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं