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10 रुपये की मेथी 600 में...कीमत को लेकर मची ऐसी हाय तौबा, VIDEO पर टूट पड़े लोग

महज 10 रुपये की मेथी की गड्डी ने इंटरनेट पर ऐसी 'आग' लगाई है कि डॉलर और रुपये के बीच ठन गई है. एक तरफ सस्ता राशन है, तो दूसरी तरफ मिलावट और महंगे घरों का दर्द...देखते ही देखते यह बहस 'देसी बनाम विदेशी' लाइफस्टाइल का अखाड़ा बन गई है.

10 रुपये की मेथी 600 में...कीमत को लेकर मची ऐसी हाय तौबा, VIDEO पर टूट पड़े लोग
मेथी की कीमत पर मचा बवाल, देसी जनता ने 'डॉलर और रुपये' का पहाड़ा पढ़ा दिया!

Viral Methi Video: सोशल मीडिया पर एक महिला ने भारत की 10 रुपये वाली मेथी की तुलना अमेरिका की 600 रुपये वाली मेथी से क्या कर दी, इंटरनेट पर 'महाभारत' शुरू हो गई. अक्सर हम इंडियंस डॉलर को रुपयों में कनवर्ट करके खुश हो लेते हैं, लेकिन हाल ही में एक वायरल वीडियो ने इस सोच की धज्जियां उड़ा दीं. एक महिला ने दिखाया कि जो मेथी हमारे यहां कौड़ियों के दाम मिलती है, वो अमेरिका में सोने के भाव बिक रही है. बस फिर क्या था, जनता दो गुटों में बंट गई.

एक तरफ वो थे जिन्हें लगा कि भारत वाकई स्वर्ग है और दूसरी तरफ वो जो असलियत का आईना लेकर खड़े हो गए. लोगों ने खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि कमाई डॉलर में है तो खर्चा भी उसी हिसाब से होगा. एक यूजर ने तो चुटकी लेते हुए यहां तक कह दिया कि कमाते हुए सबको डॉलर चाहिए, लेकिन खर्च के वक्त दिल को तसल्ली देने के लिए रुपये का हिसाब चाहिए. बात सिर्फ मेथी तक नहीं रुकी, बहस मुंबई के अंधेरी और अमेरिका के घरों तक पहुंच गई.

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मेथी सस्ती पर 'लाइफ' महंगी? (Hidden Costs of Living in Indian Metros)

बहस में नया मोड़ तब आया जब एक यूजर ने आईफोन और प्रॉपर्टी के दाम गिना दिए. मुंबई के अंधेरी में करोड़ों खर्च करके भी बिना पार्किंग और टूटी दीवारों वाला घर मिलता है, जबकि उतने ही पैसों में अमेरिका के मिड-साइज शहरों में आलीशान विला आ जाए. इसके अलावा, भारत में साफ हवा, शुद्ध पानी और बिजली के बैकअप के लिए जो एक्स्ट्रा जेब ढीली करनी पड़ती है, उसका हिसाब कौन रखेगा?

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खाने की क्वालिटी पर भी उठे सवाल (Quality and Safety Standards: India vs USA)

सिर्फ पैसा ही नहीं, लोगों ने सेहत को लेकर भी मोर्चा खोल दिया. यूजर्स का कहना है कि अमेरिका में ग्रॉसरी महंगी जरूर है, पर वहां कफ सिरप या दूध में मिलावट का डर नहीं रहता. भारत में दवाइयों से लेकर खाने तक में होने वाली मिलावट ने मध्यम वर्ग की चिंता बढ़ा दी है. लोगों का तर्क है कि सस्ता खाना अगर जान जोखिम में डाल दे, तो वो सौदा घाटे का ही है. सस्ता और महंगा सिर्फ करेंसी का खेल नहीं है, बल्कि यह आपकी लाइफस्टाइल और सुविधाओं पर निर्भर करता है. मेथी भले ही 10 रुपये की हो, लेकिन सुकून की कीमत आज भी दोनों देशों में काफी अलग है.

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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)

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