विज्ञापन

नए हो तो हर समय उपलब्ध रहो... Work-Life Balance को लेकर शख्स ने कह दी ऐसी बात, पोस्ट पर मचा बवाल

दिल्ली के एक प्रोफेशनल की LinkedIn पोस्ट, जिसमें कहा गया कि वीकेंड भविष्य से ज्यादा जरूरी नहीं, सोशल मीडिया पर विवाद का कारण बन गई. पोस्ट ने वर्क-लाइफ बैलेंस और करियर प्राथमिकताओं पर नई बहस छेड़ दी.

नए हो तो हर समय उपलब्ध रहो... Work-Life Balance को लेकर शख्स ने कह दी ऐसी बात, पोस्ट पर मचा बवाल
प्रोफेशनल की सलाह पर सोशल मीडिया भड़का

आज के समय में वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर चर्चा पहले से ज्यादा तेज हो गई है, खासकर उन युवाओं के बीच जो अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं. ऐसे माहौल में दिल्ली के एक प्रोफेशनल की LinkedIn पोस्ट ने एक बार फिर पुरानी बहस को हवा दे दी है, क्या करियर की शुरुआत में निजी समय से ज्यादा काम को प्राथमिकता देनी चाहिए?

वीकेंड पर जवाब न देने से हाथ से निकला मौका

अपनी पोस्ट में प्रोफेशनल ने एक घटना का जिक्र किया. उन्होंने बताया, कि पिछले शुक्रवार उन्होंने एक युवा स्टार्टअप फाउंडर से एक प्रोजेक्ट के लिए संपर्क किया. फाउंडर ने जवाब दिया कि वह सोमवार को बात करेंगे, जबकि प्रोजेक्ट काफी अहम और दिलचस्प था. इस बीच प्रोफेशनल ने उसी रात किसी दूसरे शख्स से संपर्क किया. दूसरे शख्स ने तुरंत कॉल उठाया, बातचीत की और प्रोजेक्ट उसे दे दिया गया. जब पहले फाउंडर ने सोमवार को संपर्क किया, तब तक मौका जा चुका था. उनका कहना था कि यह पोस्ट किसी की आलोचना के लिए नहीं, बल्कि यह बताने के लिए है कि करियर की शुरुआत में उपलब्धता (Availability) एक महत्वपूर्ण कौशल होती है.

शुरुआत में मौके का पीछा करना पड़ता है...

उन्होंने लिखा कि वर्क-लाइफ बैलेंस जरूरी है, लेकिन हर चीज का एक समय होता है. उनके अनुसार, अनुभवी लोग 'अगले हफ्ते बात करेंगे' कह सकते हैं क्योंकि अवसर उनके पास आते हैं, जबकि नए लोगों को अवसरों के पीछे भागना पड़ता है. उन्होंने यह भी कहा, कि जिस शख्स को प्रोजेक्ट मिला, वह पहले वाले से ज्यादा प्रतिभाशाली नहीं था, बल्कि वह सिर्फ ज्यादा उपलब्ध था. उनके मुताबिक, पेशेवर सीमाएं (Boundaries) तब तय करनी चाहिए जब शख्स अपनी विश्वसनीयता बना ले. पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, आपके वीकेंड आपके भविष्य से ज्यादा जरूरी नहीं हैं. बाजार आपके शेड्यूल की नहीं, आपकी मेहनत की परवाह करता है.

सोशल मीडिया पर हुआ विरोध

यह पोस्ट वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में आलोचना शुरू हो गई. कई यूजर्स ने इस सोच का विरोध किया. एक यूजर ने इसे 'रेजबेट' बताया. दूसरे ने लिखा, कि आज के युवा देख चुके हैं कि हर समय उपलब्ध रहने वाले लोगों को भी कभी भी नौकरी से निकाला जा सकता है, इसलिए मानसिक शांति भी उतनी ही जरूरी है. एक अन्य यूजर ने कहा, कि सीमाएं तय करना हर स्तर पर जरूरी है. उनके अनुसार, एक अवसर छूट जाने का मतलब यह नहीं कि भविष्य में और मौके नहीं मिलेंगे. उन्होंने यह भी कहा, कि वीकेंड व्यक्तिगत जिम्मेदारियों और आराम के लिए जरूरी होते हैं और जीवन सिर्फ काम तक सीमित नहीं है.

बढ़ती आलोचना के बाद पोस्ट लिखने वाले प्रोफेशनल ने सफाई दी, कि उनकी बात उन लोगों के लिए थी जो असाधारण सफलता पाना चाहते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनी में रिमोट टीम और अनलिमिटेड लीव पॉलिसी है. हालांकि, फिर भी बहस थमती नजर नहीं आई. यह घटना एक बार फिर उस सवाल को सामने लाती है, करियर में सफलता के लिए कितनी मेहनत जरूरी है और वर्क-लाइफ बैलेंस की सीमा कहां तय होनी चाहिए.

(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)

यह भी पढ़ें: कुत्ते की तरह भौंकता है यह हिरण! नुकीले दांतों वाला ‘बार्किंग डियर' बना जंगल का अनोखा शिकारी

भारत, फ्रांस से भी आगे है... विदेशी महिला बोली- यहां की 3 चीजें दुनिया में कहीं नहीं! पोस्ट वायरल

तौलिया रगड़ा, बाल खड़े हुए और… उंगली लगाते ही जल उठी गैस! ये जादू है या खतरनाक विज्ञान?
 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com