Harsha Richhariya Latest News: प्रयागराज महाकुंभ 2025 से 'ब्यूटीफुल साध्वी' के नाम से रातों-रात वायरल होने वाली और फिर उज्जैन में अपना पिंडदान कर संन्यासी बनने वाली हर्षा रिछारिया (साध्वी हर्षानंद गिरी), एक बार फिर इंटरनेट पर सुर्खियों में हैं. संन्यास लेने के बाद अब वे कथा वाचक बन गई हैं और धर्म से जुड़ी वीडियो बनाकर लोगों को जागरूक करने का काम कर रही हैं. हाल ही में वे कुछ पॉडकास्ट शो में भी नजर आई हैं, जिसमें हर्षा ने अपने अतीत, प्यार, रिलेशनशिप और सोशल मीडिया पर अपनी 'खूबसूरती' को लेकर खुलकर बात की है. इस बातचीत में उन्होंने रोते हुए अपने जीवन के उस सबसे कठिन दौर का जिक्र भी किया है, जिसने उन्हें ग्लैमर की दुनिया छुड़ाकर वैराग्य के रास्ते पर धकेल दिया.
'मुझे बहुत आदत है महादेव से बात करने की'
इन पॉडकास्ट के कुछ टीजर हर्षा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट (sadhvi_harshanand_giri) पर शेयर किए हैं. सबसे लेटेस्ट पॉडकास्ट प्रियंका शर्मा के साथ है, जिसमें वो हर्षा से पूछती हैं- 'आपका जब दिल तूटा, आपने कैसे खुद को संभाला?' यह सवाल सुनते ही हर्षा रोने लगती हैं. फिर अपने आंसू पूछते हुए भरी आवाज में कहती हैं, 'जिसको इतना प्यार किया जब वो छोड़ के जा सकता है, जिन पर इतना भरोसा किया, जिनके हर वक्त साथ खड़े रही, जब वो दोस्त ऐसी सिचुएशन में छोड़ सकते हैं, जब सब छोड़ ही सकते हैं, तो मैं उम्मीद किस से करूं? कौन है जो हर वक्त मेरे साथ खड़ा रहेगा, कोई नहीं है. फिर जाके मैं केदार बाबा के मंदिर में बैठने लगी. उनसे ही सारी बाते करने लगी. इसलिए मुझे बहुत आदत है महादेव से बात करने की. क्योंकि जितनी वो सुन सकते हैं, जितना वो साथ में खड़े हो सकते हैं, उतना कोई नहीं हो सकता है.'
शादी और जीवनसाथी को लेकर क्या हैं विचार?
संन्यास का चोला ओढ़ने के बाद भी जब उनसे शादी और गृहस्थ जीवन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही व्यावहारिक जवाब दिया. हर्षा ने बताया कि वे शादी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जीवन में सही जीवनसाथी का चुनाव बहुत अहम भूमिका निभाता है. एक सही पार्टनर न सिर्फ आपके जीवन को बल्कि आपके 'धर्म' की यात्रा को भी आगे बढ़ाने में मदद करता है.
शादी कर प्लान कैंसिल क्यों हुआ था?
एक अन्य पॉडकास्ट में उन्होंने इस सवाल का भी जवाब दिया है. हर्षा रिछारिया ने कहा, 'कभी-कभी तो मुझे लगता है कि शादी कर के जीवन ही शांति से बिताओ. लेकिन शायद हम, आप और मेरी जो जेनेरेशन है, इतनी ज्यादा स्वाभिमानी हो गई है कि हम पति के पैसों पर जीवन नहीं चला सकते हैं. हमें यह लगता है कि हमारी पहचान, हमारा नाम, हमारा काम और हमारी खुद की एक भले छोटी कमाई हो लेकिन वो हमारी होनी चाहिए, जिसे हम तय करें कि हम इसे कहां खर्च करना है. कल को पति यह नहीं बोले कि तुम मेरे पैसे कहां उड़ा रही हो.'
'मैं सोशल मीडिया नहीं छोड़ूंगी, रील्स बनाती रहूंगी'
आमतौर पर संन्यास लेने के बाद लोग डिजिटल दुनिया से दूरी बना लेते हैं, लेकिन साध्वी हर्षानंद गिरी का इरादा बिल्कुल अलग है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पूरी तरह एक्टिव रहेंगी. उन्होंने अपनी सुंदरता और मॉडर्न लाइफस्टाइल को लेकर उठने वाले सवालों पर खुलकर कहा कि अध्यात्म का मतलब खुद को किसी अंधेरे कमरे में बंद करना नहीं है. वे सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को सनातन धर्म, संस्कृत और महिला सशक्तिकरण से जोड़ने के लिए लगातार वीडियो और रील्स पोस्ट करती रहेंगी.
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