दुनिया में सबसे पहले किरबिती आइलैंड (Kiribati) में सूरज निकलता है, जो प्रशांत महासागर में स्थित है और UTC+14 टाइम जोन में आता है. इसी वजह से यह दुनिया की वह पहली जगह बन जाती है, जहां 1 जनवरी की आधी रात सबसे पहले दस्तक देती है. किरबिती को क्रिसमस आइलैंड भी कहा जाता है. इसके बाद अलग-अलग देशों में समय के अनुसार नया साल शुरू होता है.

क्या है इतिहास?
भारत में जब 31 दिसंबर को दोपहर के 3:30 बजे होते हैं, तब प्रशांत महासागर में बसे किरबिती गणराज्य के किरबिती द्वीप में नया साल दस्तक दे चुका होता है. इसकी वजह है इसका खास UTC+14 टाइम जोन, जो दुनिया में सबसे आगे माना जाता है. साल 1995 में किरिबाती सरकार ने जानबूझकर इंटरनेशनल डेट लाइन (International Date Line) को अपने पक्ष में शिफ्ट करवाया, ताकि देश एक ही तारीख में रहे और आर्थिक-प्रशासनिक काम आसान हों.

भौगोलिक रूप से यह द्वीप भूमध्य रेखा के पास, ऑस्ट्रेलिया के पूरब और अमेरिका के पश्चिम के बीच स्थित है और दुनिया के सबसे बड़े कोरल एटोल्स में गिना जाता है. यही ऐतिहासिक और भौगोलिक कारण है कि हर साल सबसे पहले यहीं New Year Celebration होती है, जहां स्थानीय लोग सादगी, पारंपरिक गीत-संगीत और सामूहिक दुआओं के साथ नए साल का स्वागत करते हैं.
नए साल 2026 का स्वागत
न्यूजीलैंड ने नए साल 2026 का स्वागत किया. ऑकलैंड शहर में देश की सबसे ऊंची इमारत स्काई टॉवर से करीब पांच मिनट तक शानदार आतिशबाजी की गई. 240 मीटर ऊंचे टॉवर से लगभग 3,500 पटाखे छोड़े गए, जिसने आधी रात को आसमान को रौशन कर दिया.
अन्य देशों में कब किया नये साल का स्वागत (When Other Countries Welcome The New Year)
- रूस की राजधानी मॉस्को में भारतीय समयानुसार सुबह 2:30 बजे.
- यूक्रेन में 3:30 बजे.
- जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली और स्विट्जरलैंड में 4:30 बजे IST पर नए साल की शुरुआत होती है.
- यूके, पुर्तगाल और घाना में यह पल 5:30 बजे.
- ब्राजील और अर्जेंटीना में 8:30 बजे.
- अमेरिका के ईस्ट कोस्ट पर 10:30 बजे IST नया साल आता है.
- वहीं दुनिया में सबसे आखिर में नया साल UTC-12 टाइम जोन वाले इलाकों..अमेरिकन समोआ और बेकर व हाउलैंड द्वीपों में मनाया जाता है, जहां किरबिती के लगभग पूरे एक दिन बाद आधी रात होती है.
ऑस्ट्रेलिया में जश्न और गम साथ-साथ (Australia New Year Celebrations)

न्यूजीलैंड के करीब दो घंटे बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर नया साल शुरू हुआ. सिडनी हार्बर ब्रिज और ओपेरा हाउस के पास भव्य आतिशबाजी ने लाखों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. हालांकि, हाल ही में हुए बॉन्डी बीच हमले की वजह से माहौल संवेदनशील रहा. आधी रात से पहले पीड़ितों की याद में एक मिनट का मौन रखा गया और एकजुटता के प्रतीक दिखाए गए. कड़ी सुरक्षा के बीच यह जश्न अमन और इंसानियत का पैगाम देता नजर आया.
#WATCH | Fireworks adorn the sky of Singapore as the country celebrates #NewYear2026. pic.twitter.com/q3MjT37xKu
— ANI (@ANI) December 31, 2025
एशिया में परंपरा और आत्मचिंतन (Asia Welcomes New Year with Traditions)
जापान में नए साल का स्वागत ओमिसोका की रात 108 बार मंदिरों की घंटियां बजाकर किया गया. इसे आत्मशुद्धि और बुरी इच्छाओं के त्याग का प्रतीक माना जाता है. वहीं उत्तर और दक्षिण कोरिया में भी नए साल का आगाज ऐतिहासिक घंटाघरों और सामूहिक प्रार्थनाओं के साथ हुआ. यहां आतिशबाजी से ज्यादा सांस्कृतिक अनुशासन और शांति पर जोर रहता है.

भारत में ठंड और उल्लास का संगम (India Welcomes New Year 2026)
भारत में भी 2026 का स्वागत जोश के साथ हुआ. दिल्ली में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद कनॉट प्लेस में भीड़ उमड़ी, जबकि मुंबई में मरीन ड्राइव पर लोग नए साल की पहली सुबह का जश्न मनाते दिखे. पहाड़ी इलाकों...शिमला और मनाली में बर्फ के बीच सैलानियों ने नए साल का लुत्फ उठाया. नया साल 2026 दुनिया के लिए नई उम्मीदें, नई दुआएं और नया हौसला लेकर आया है. चाहे आतिशबाजी हो या घंटियों की गूंज...हर जगह एक ही पैगाम है...अमन, तरक्की और बेहतर कल की चाह.
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