Trending: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में रहने वाले सुमित कुमार प्रजापति अपनी ई-रिक्शा में बैठकर स्पीति वैली घूमने निकल पड़े हैं. इस सफर की शुरुआत उन्होंने 15 अगस्त को की थी, जिसके वीडियो भी उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किए थे. उस वक्त उन्होंने कहा था कि वे हर दिन वीडियो बनाकर बताएंगे कि उनका सफर कैसा चल रहा है, क्या-क्या परेशानियां आ रही हैं और लोग उन्हें देख कैसे रिएक्शन्स दे रहे हैं. सुमित ने अपना वादा निभाया है और कुल 27 वीडियोज में अपनी पूरी जर्नी दिखाई है.
यूट्यूब इंडिया ने किया वीडियो पर कमेंट
सुमित के इंस्टाग्राम पेज से मिली जानकारी के मुताबिक, वे मनाली तक गाड़ी में अपने दोस्तों के साथ पहुंचे और ई-रिक्शा को ट्रक में लोड करके वहां तक पहुंचाया. वहां से आगे का रास्ता उन्होंने अकेले ई-रिक्शा में बैठकर पूरा किया. वे 19 अगस्त को मनाली से स्पीति के लिए निकले. जब इसका वीडियो उन्होंने इंस्टाग्राम पर शेयर किया तो यूट्यूब इंडिया ने भी उस पर कमेंट करते हुए कहा- 'मॉडर्न प्रॉब्लम्स को देसी सॉल्यूशन चाहिए.'
स्पीति के रास्ते में सवारियां बैठाकर चलाई ई-रिक्शा
पहली वीडियो को देखने के बाद लोगों ने 'बैटरी कहां चार्ज करोगे' जैसे सवाल पूछे. लेकिन एक शख्स ने सुमित से कहा कि ई-रिक्शा खाली क्यों चला रहे हो, इसमें सवारियां बैठाओ. अपने फैन्स की इस रिक्वेस्ट को सुमित ने मान लिया और अगले दिन सवारियां बैठाकर स्पीति वैली की तरफ आगे बढ़ने लगे. इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि वे अपनी स्टे लॉकेशन पर पहुंचकर ई-रिक्शा को चार्ज कर रहे हैं. इमरजेंसी के लिए उन्होंने जैनरेटर भी साथ रखा है.
लोगों ने क्या कहा?
जब लोगों ने समुद्र तल से 12,500 फीट की ऊंचाई वाले पथरीले रास्ते पर ई-रिक्शा को दौड़ते देखा तो उनकी नजरें ठहर गईं. वे रुक-रुक कर सुमित का वीडियो बनाने लगे और पूछने लगे कि ये कैसा ई-रिक्शा है तो ऑफ रोडिंग कर रहा है? इस सफर के दौरान कुछ लोग ऐसे मिले जो सुमित की डेरिंग की तारीफ करने लगे तो कुछ तालियां बजाने लगे. वहीं कुछ लोगों ने इस बात पर हैरानी जताई की ये ई-रिक्शा इतनी चढ़ाई पर चढ़कर वहां पहुंची कैसे?
'कुंजुम पहुंचते ही बना वर्ल्ड रिकॉर्ड'
26 अगस्त को सुमित अपनी ई-रिक्शा में बैठकर कुंजुम पहुंच गए थे, जो समुद्र तल से 4 हजार फीट की ऊंचाई पर है. ऐसा पहली बार हुआ जब कोई ई-रिक्शा में बैठकर वहां तक पहुंचा. ऐसे करके सुमित ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया.
'मैंने कर दिखाया'
सुमित ने 1 सितंबर को वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, 'हर किसी का सपना होता है कि शहर से कहीं दूर जाकर पहाड़ों के किसी गांव में कुछ दिन सुकून से बिताए. मेरा भी ऐसा ही एक सपना था. लेकिन मेरे पास कार नहीं थी. लेकिन मेरा ई-रिक्शा हर चुनौतियां से लड़कर मुझे यहां तक ले आया. मैं अभी इससे भी आगे जाने वाला है. जहां लोग 4x4 गाड़ी लेकर चलते हैं, मैं वहां बैटरी से चलने वाला तीन पहिए वाला रिक्शा लेकर चल पड़ा हुआ. ये हिस्ट्री बनाने जैसा है.'
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