Viral Post: दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क (Elon Musk) का मानना है कि उनकी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक (Starlink) भारत के उन लोगों के बहुत काम आएगी, जिन तक अभी भी इंटरनेट या बेसिक एमेनिटीज नहीं पहुंच पाई हैं, खासकर गांवों में. शुक्रवार सुबह एक्स (X) पर डोजडिजाइनर (@cb_doge) नाम के एक यूजर के आंकड़ों का जवाब देते हुए मस्क ने यह बात कही.
'आज भी 4G की पहुंच से बाहर हैं भारत के 11256 गांव'
डोजडिजाइनर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारत में इंटरनेट को लेकर शहरों और गांवों के बीच का फासला दिखाया है. इन आंकड़ों के मुताबिक, 'मई 2026 तक भारत के 11,256 से ज्यादा लिस्टेड गांवों में 4G नेटवर्क भी नहीं पहुंचा था. पूरे देश में करीब 1.09 अरब इंटरनेट सब्सक्रिप्शन थे, लेकिन इनमें से गांवों के हिस्से में सिर्फ 44 करोड़ ही थे. यानी शहरों में जहां हर 100 में से लगभग 127 लोगों के पास इंटरनेट कनेक्शन था, वहीं गांवों में यह गिनती घटकर सिर्फ 48 पर रह गई.'
Starlink would help the least served in India, especially in rural areas https://t.co/ffCvpL61WQ
— Elon Musk (@elonmusk) August 21, 2026
'जून 2026 तक कितनी ग्राम पंचायतों में इंटरनेट चालू हुआ?'
इतना ही नहीं, डोजडिजाइनर ने आगे लिखा, 'गांवों को इंटरनेट से जोड़ने के लिए सरकार ने 'भारतनेट' प्रोजेक्ट के तहत 8,50,000 किलोमीटर से ज्यादा फाइबर केबल बिछाई. इस मेहनत से करीब 2,21,000 ग्राम पंचायतों को सेवा के लिए तैयार भी कर दिया गया था. इसके बावजूद, जमीनी हकीकत यह रही कि जून 2026 तक इनमें से केवल 80,472 ग्राम पंचायतों में ही इंटरनेट सेवा पूरी तरह चालू पाई गई.
दिक्कत कहां आ रही है, स्टारलिंक ही क्यों?
डोजडिजाइनर ने कहा, 'खुद सरकार भी मानती है कि पहाड़ों, जंगलों या खराब रास्तों वाली जगहों पर मोबाइल टावर लगाना बहुत मुश्किल है और स्टारलिंक ठीक इसी जगह पर सबसे कारगर साबित हो सकता है. यह सीधा सैटेलाइट से इंटरनेट देती है, इसलिए पहाड़ों, द्वीपों या बाढ़-भूकंप वाली जगहों पर भी यह आसानी से चल सकती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी डायरेक्ट-टू-डिवाइस (D2D) कनेक्टिविटी तकनीक है. इस तकनीक की मदद से लोगों के मोबाइल फोन तब भी पूरी तरह कनेक्टेड रह सकते हैं, जब वे सामान्य मोबाइल टावर के कवरेज के दायरे से बिल्कुल बाहर चले जाएं.'
यही वजह है कि अब यह मांग उठ रही है कि भारत सरकार जल्द से जल्द स्टारलिंक को मंजूरी दे, ताकि देश के दूरदराज के इलाकों को भी अच्छी इंटरनेट स्पीड मिल सके.
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