Elon Musk की ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस कंपनी Neuralink फिर से चर्चा में है. कंपनी ने एक नया वीडियो भी शेयर किया है. इस वीडियो में उनके क्लिनिकल ट्रायल में भाग लेने वाले एक मरीज को दुनिया के सामने अपना पर्सनल अनुभव शेयर करते हुए दिखाया गया है. वीडियो में दिख रहा मरीज, बोलने की अक्षमता से पीड़ित है. लेकिन वह अपने ब्रेन पावर का इस्तेमाल करके पास बैठे शख्स (संभवतः लाइफ पार्टनर) से बातचीत करता दिखाई दे रहा है.
Neuralink ने इस वीडियो का टैगलाइन "एक खूबसूरत सरप्राइज" रखा है. ये तकनीक लोगों के लिए काफी जादुई और वरदान साबित हो सकती है.
A beautiful surprise pic.twitter.com/AS7Zox1VIh
— Neuralink (@neuralink) September 16, 2026
हालांकि, इस वीडियो में भाग लेने वाले मरीज की व्यक्तिगत पहचान या उसकी बीमारी के बारे में खुलासा नहीं किया गया है. इसके बजाय, पूरा ध्यान इस बात को दिखाने पर फोक्स्ड है कि कैसे न्यूरालिंक का ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) इम्प्लांट एक बोलने में असमर्थ मरीज की आवाज को वापस ला सकता है.
Neuralink का 0.23 सेकंड का वीडियो
ये वीडियो महज 0.23 सेकंड का बहुत छोटा सा है, लेकिन प्रेम और भावनाओं के जरिए इस तकनीक की असीम संभावनाओं को दिखाने के लिए काफी है. वीडियो में दिख रहा मरीज जब बोलने की कोशिश करता है, तो उसके दिमाग में आने वाले सबसे पहले शब्द "आई लव यू" होते हैं. जिसे वह अपने खास परिचित से कहता है. उनके सामने रखा एक कंप्यूटर स्क्रीन उनके दिमाग के इन विचारों को कंप्यूटर आवाज में बदल देता है. जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग दंग रह जाते हैं. इसके बाद दोनों एक-दूसरे को गले लगाते हैं.
हालांकि, इस पोस्ट के बाद न्यूरालिंक ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर तुरंत एक जरूरी डिस्क्लेमर भी जोड़ा. इसमें बताया गया कि ये शानदार सफलता जरूरी नहीं कि सभी प्रतिभागियों या भविष्य के रिजल्ट पर समान रूप से लागू हो. लेकिन इसके बावजूद, ये प्रयोग दुनिया भर के लोगों में एक बड़ी उम्मीद जगाता है कि आने वाले समय में यह तकनीक मूक लोगों को बोलने और नेत्रहीनों को दोबारा देखने में मदद कर सकती है.
पहले भी मैजिक दिखा चुका है Neuralink
आपको बता दें कि मस्क की इस ब्रेन-इम्प्लांट कंपनी ने पिछले दो सालों का अधिकांश समय लोगों को केवल अपने दिमाग की सोच से कंप्यूटर के कर्सर को हिलाते हुए दिखाने में बिताया है. इसी साल मार्च में, कंपनी ने ब्रिटिश सेना के एक पूर्व सैनिक Jon L. Noble का एक वीडियो शेयर किया था. जॉन रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट के कारण गर्दन के नीचे के पूरे हिस्से से पूरी तरह लकवाग्रस्त थे. उन्होंने न्यूरालिंक की BCI (ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस) तकनीक को सफलतापूर्वक अपनाया.
जॉन ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि उनके दिमाग में N1 चिप इम्प्लांट होने और इस सर्जरी के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है. उनके अनुसार, न्यूरालिंक ने उन्हें केवल अपने विचारोंके जरिए इस फिजिकल दुनिया से दोबारा जुड़ने और बातचीत करने का एक नया रास्ता दे दिया है. अब वे बिना हाथ हिलाए केवल अपनी सोच से MacBook के कर्सर को पूरी तरह कंट्रोल और इस्तेमाल कर सकते हैं.
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