Chandra grahan and Laxminath Temple of Bikaner story: 3 मार्च को लगने वाले चंद्र ग्रहण के दौरान देशभर के अधिकांश मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में राहु और केतु का प्रभाव बढ़ जाता है, इसलिए इसे सूतक काल माना जाता है. इस दौरान न आरती होती है और न ही भोग लगाया जाता है.
ये भी पढ़ें:-Chandra Grahan 2026: सूतक काल से पहले घर से हटाएं ये चीजें, ज्योतिषाचार्य से जानें शुभ-अशुभ प्रभाव

Photo Credit: social media
ग्रहण काल में मंदिर क्यों होते हैं बंद (Why Temples Close During Eclipse)
धर्मग्रंथों और पंडितों के मुताबिक, ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की आशंका मानी जाती है. मंदिरों को सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र समझा जाता है, इसलिए सावधानी के तौर पर कपाट बंद रखे जाते हैं, लेकिन राजस्थान के बीकानेर स्थित भगवान लक्ष्मीनाथ मंदिर इस परंपरा से अलग है.
ये भी पढ़ें:-2 या 3 मार्च कब मनाएं पूर्णिमा? ज्योतिषाचार्य ने ग्रहण और होली को लेकर कन्फ्यूजन किया दूर

Photo Credit: social media
लक्ष्मीनाथ मंदिर में क्यों नहीं लगता ताला (Why Laxminath Temple Stays Open)
मान्यता है कि एक बार ग्रहण के समय मंदिर बंद किया गया और भगवान श्री हरि विष्णु को समय पर भोग नहीं लगा. उसी रात पास के एक हलवाई को सपने में भगवान ने दर्शन दिए और भूख लगने की बात कही. इसके बाद से परंपरा बदल गई. अब चंद्र ग्रहण हो या सूर्य ग्रहण, यहां पूजा पाठ और भोग नियमित रूप से होता है.
ये भी पढ़ें:-क्या रात डेढ़ बजे जलेगी होलिका? भद्रा और सूतक के बीच फंसी होली 2026 की घड़ी!
मंदिर का इतिहास और महत्व (History and Significance of Temple)
विक्रम संवत 1526 में निर्मित यह मंदिर बीकानेर की शान माना जाता है. जैसलमेर के पत्थर और मकराना के संगमरमर से बने इस मंदिर की नक्काशी और चांदी की कलाकृतियां इसकी रौनक बढ़ाती हैं. भारत में महाकालेश्वर उज्जैन, कालकाजी दिल्ली, विष्णुपद गया और कल्पेश्वर उत्तराखंड जैसे कुछ अन्य मंदिरों में भी ग्रहण के दौरान कपाट बंद नहीं होते. जहां चंद्र ग्रहण के दौरान अधिकतर मंदिरों में सन्नाटा होगा, वहीं कुछ स्थानों पर आस्था की रोशनी बदस्तूर जलती रहेगी. यही परंपराओं की विविधता भारत की खासियत है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं