Trending: स्टार्टअप गाइड प्रेम सोनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'मैं हाल ही में दुबई गया था, जहां मेरी मुलाकात भारत के कई बड़े यूट्यूबर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स का हिसाब-किताब संभालने वाले एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से हुई. बातों-बातों में उन्होंने बताया कि बहुत सारे भारतीय क्रिएटर्स अपना सामान समेटकर दुबई आ रहे हैं.'
टैक्स के पैसों से ऐश
प्रेम कहते हैं कि मैंने उत्सुकता में इसका कारण पूछा तो सीए ने दिलचस्प कैलकुलेशन बताते हुए कहा, 'भारत में जो टैक्स वे भरते थे, उसी पैसे से दुबई का उनका खर्च निकल जाता है. उदाहरण के तौर पर- भारत में 1.5 करोड़ रुपये कमाने वाला डिजिटल क्रिएटर लगभग 45 लाख रुपये इनकम टैक्स के तौर पर देता है. दुबई में पर्सनल इनकम टैक्स 0% है. इसी पैसे से वो अपनी लग्जरी लाइफ दुबई में अफोर्ड कर लेते हैं.'
CA ने समझाया पूरा गणित
सीए ने इसे और आसान करते हुए कहा, '45 लाख लगभग 200,000 AED के बराबर होते हैं. इतने रुपये में दुबई की एक शानदार ऊंची इमारत में स्थित फ्लैट का 1 साल का किराया, प्रीमियम प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस का बिल, स्कूल की फीस, एमिरेट्स आईडी, रेजिडेंसी वीजा और कॉर्पोरेट लाइसेंसिंग का खर्च सबकुछ भरा जा सकता है.' उन्होंने कहा कि ज्यादा कमाई करने वाले डिजिटल क्रिएटर्स के लिए दुबई में रहना पूरी तरह मुफ्त है.'
यहां पढ़ें पूरी पोस्ट:-
I met an Indian CA in Dubai who manages books for dozens of top Indian YouTubers and digital founders. He said: “A lot of Indian creators are packing their bags and moving here.” He shared one interesting calculation. Their Indian tax bill is paying their Dubai expense. A digital creator clearing ₹1.5 Crore in India pays nearly ₹45 Lakhs in taxes. In Dubai, personal income tax drops to 0%. That ₹45 Lakhs saved converts to roughly 200,000 AED, covering: • A year's rent for a luxury high rise. • Premium private health insurance, school fees, etc. • Emirates ID, residency visa and corporate licensing costs He said that for high earning digital creators, living in Dubai is completely free. I had never thought of it this way.
— Prem Soni (@ValueWithPrem) October 11, 2026
सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय
सोशल मीडिया पर वायरल इस पोस्ट को पढ़कर लोग अलग-अलग राय दे रहे हैं. कुछ लोग इसे सच बताते हुए अपने कुछ परिचितों का उदाहरण दे रहे हैं, जबकि कुछ इनकम टैक्स नियमों के हवाले से कह रहे हैं कि टैक्स तो तब भी देना पड़ेगा.'
एक यूजर ने लिखा, 'सिर्फ यूट्यूबर्स ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया मैनेजमेंट वगैरह में माहिर कई एजेंसियां भी दुबई चली गई हैं.'
दूसरे यूजर ने लिखा, 'मुझे लगा था कि UAE में इन्फ्लुएंसर्स के लिए कड़े नियम हैं. भारत जैसा नहीं, जहां कोई भी हेल्थ के बारे में सलाह देने लगता है. यहां तक कि चीन में भी इस विषय पर बात करने के लिए सही शिक्षा या जानकारी की जरूरत होती है.'
तीसरे यूजर ने लिखा, 'आज दुबई में कोई पर्सनल इनकम टैक्स नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वहां कभी ऐसा टैक्स नहीं लगेगा. अगले 20 सालों में निश्चित रूप से वहां ऐसा टैक्स लागू हो सकता है.'
चौथे यूजर ने लिखा, 'अगर वे दुबई में रहने वाले भारतीय नागरिक हैं, तो क्या भारत में भी उन्हें अपनी ग्लोबल इनकम पर टैक्स नहीं देना पड़ता?'
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