Viral News: क्रिप्टोकरेंसी बिलियनेयर बेन डेलो ने नाइजेल फराज की पॉलिटिकल पार्टी रिफॉर्म यूके को एक झटके में 36 मिलियन पाउंड (करीब 465 करोड़ रुपये) का चंदा दे दिया है. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, यह ब्रिटेन के इतिहास में किसी भी राजनीतिक पार्टी को मिला अब तक का सबसे बड़ा डोनेशन है. इस फंडिंग से फराज की पार्टी को बंपर सपोर्ट मिला है, जिससे वो अगले चुनाव में ब्रिटेन की दोनों प्रमुख पार्टियों को कड़ी टक्कर दे सकेगी.
एक साथ इतना पैसा क्यों दिया?
एएफपी ने डेली टेलीग्राफ में छपे डेलो के आर्टिकल के हवाले से बताया कि उन्होंने यह रिकॉर्ड रकम इसलिए दी क्योंकि उनकी पार्टी के पास बाकी बड़ी पार्टियों की तरह लंबे समय तक चलने वाला फंड नहीं है. डेलो ने सीधे तौर पर बड़ी पार्टियों पर निशाना साधते हुए लिखा, 'कुछ लोग लोकतंत्र की झूठी चिंता करते हैं और इसे कार्टेल की तरह चला रहे हैं. मैं इसके खिलाफ एक साफ और बराबरी की लड़ाई चाहता हूं.'
डेलो का प्लान बड़ा है. वो 2029 के बीच में होने वाले अगले आम चुनाव तक पार्टी को हर महीने 1 मिलियन पाउंड देना चाहते थे. इसलिए उन्होंने पैसे टुकड़ों में देने के बजाय एक साथ 36 मिलियन पाउंड एडवांस दे दिए, ताकि पार्टी सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हो सके.
ट्रंप से मिली थी बेन डेलो को माफी
रॉयटर्स के मुताबिक, 42 साल के डेलो मशहूर क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बिटमेक्स के को-फाउंडर हैं. साल 2022 में अमेरिका में बैंक सिक्रेसी एक्ट के उल्लंघन के मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था. लेकिन 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें इस मामले में माफी दे दी थी. फिलहाल हांगकांग में रह रहे डेलो जल्द ही ब्रिटेन लौटने वाले हैं. एएफपी की रिपोर्ट बताती है कि सत्तारूढ़ लेबर पार्टी जल्द ही विदेशी चंदे की सीमा तय करने वाला कानून लाने वाली है, और डेलो इस पाबंदी के लागू होने से पहले ही अपने देश वापस शिफ्ट होने की तैयारी कर चुके हैं.
पिछली तिमाही में दिया थे 51 करोड़
ब्रिटेन की चुनाव निगरानी संस्था के आंकड़ों के मुताबिक, डेलो ने इसी साल जनवरी और मार्च में भी रिफॉर्म पार्टी को 4 मिलियन पाउंड (करीब 51.74 करोड़ रुपये) का चंदा दिया था. रॉयटर्स के अनुसार, वह पिछली तिमाही में भी पार्टी के सबसे बड़े डोनर थे.
चंदे को लेकर विवादों में घिरी है पार्टी
यह सारा पैसा ऐसे वक्त में आया है जब नाइजेल फराज की रिफॉर्म यूके खुद चंदे के भारी विवादों में फंसी है. यह पार्टी 2021 में ब्रेग्जिट और इमिग्रेशन के विरोध में बनी थी. एएफपी के मुताबिक, हाल ही में पुलिस ने अवैध चंदा लेने के नए आरोपों के बाद पार्टी के खिलाफ अपनी जांच तेज कर दी है. पिछले साल की शुरुआत से जो पार्टी सर्वे में नंबर वन चल रही थी, वो इन्हीं विवादों के कारण अब लेबर पार्टी से पिछड़ रही है. ऊपर से, जुलाई में कीर स्टार्मर की जगह एंडी बर्नहैम के नए प्रधानमंत्री बनने के बाद से लेबर पार्टी और भी मजबूत हो गई है.
खुद नाइजेल फराज भी जांच के घेरे में
मुसीबतें सिर्फ पार्टी तक सीमित नहीं हैं. एएफपी के मुताबिक, ब्रिटेन की संसद की एंटी-करप्शन टीम खुद नाइजेल फराज की भी जांच कर रही है. फराज को क्रिस्टोफर हारबोर्न से अलग से 5 मिलियन पाउंड मिले थे. हालांकि, फराज का कहना है कि यह पैसा उन्होंने अपनी सिक्योरिटी के लिए लिया था और इसमें कुछ भी गलत नहीं है. इन तमाम जांच और विवादों के बीच, बेन डेलो से मिले इतने बड़े चंदे से फराज काफी खुश हैं. एएफपी के मुताबिक, उन्होंने द टेलीग्राफ से कहा कि बेन डेलो ने पार्टी पर जो भरोसा जताया है, उससे वो बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं.'
ये भी पढ़ें:- ई-रिक्शा में बैठकर स्पीति वैली घूमने निकल पड़ा UP का लड़का
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं