दुबई और सऊदी अरब के बाद अब बहरीन ने भी वैश्विक निवेशकों, प्रोफेशनल्स और रिटायर्ड लोगों को आकर्षित करने के लिए अपना गोल्डन वीजा 2025 लॉन्च कर दिया है. खास बात यह है कि यह वीजा कम लागत, टैक्स फ्री सुविधा और लंबी अवधि की रेजिडेंसी के साथ आता है. बहरीन का यह कदम सीधे तौर पर यूएई और सऊदी अरब की रेजिडेंसी स्कीम्स को चुनौती देता नजर आ रहा है.
क्या है बहरीन गोल्डन वीजा 2025?
बहरीन गोल्डन वीजा एक लंबी अवधि की रेजिडेंसी योजना है, जो निवेशकों, उद्यमियों, विशेष प्रतिभाओं और रिटायर्ड लोगों को दी जाती है. इस वीजा के तहत आवेदकों को 10 साल की रेजिडेंसी मिलती है, जिसे अनिश्चित काल तक रिन्यू कराया जा सकता है.
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टैक्स फ्री जिंदगी बनी सबसे बड़ी खासियत
बहरीन गोल्डन वीजा की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह टैक्स फ्री स्ट्रक्चर है. यहां न तो पर्सनल इनकम टैक्स देना होता है, न कैपिटल गेन टैक्स और न ही इनहेरिटेंस टैक्स. यही वजह है कि बहरीन अब मिडिल ईस्ट का नया टैक्स हेवन बनकर उभर रहा है.
प्रॉपर्टी में निवेश कर पाएं रेजिडेंसी
2025 में बहरीन ने प्रॉपर्टी निवेश की सीमा को और कम कर दिया है. अब गोल्डन वीजा के लिए न्यूनतम प्रॉपर्टी निवेश 1.30 करोड़ बहरीनी दिनार से घटाकर किया गया है, जिससे यह स्कीम पहले से कहीं ज्यादा किफायती हो गई है. शर्त यह है कि निवेशक को बहरीन में मान्य रियल एस्टेट खरीदनी होगी और रेजिडेंसी बनाए रखने के लिए उस संपत्ति का स्वामित्व बनाए रखना होगा.
निवेश नहीं, टैलेंट से भी मिलेगा वीजा
बहरीन ने एक एक्सेप्शनल टैलेंट रूट भी शुरू किया है, जिसमें निवेश की जरूरत नहीं होती है. इस कैटेगरी में उद्यमी, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, कलाकार, क्रिएटिव प्रोफेशनल, खिलाड़ी और समाज में विशेष योगदान देने वाले लोग शामिल हैं. चयन पूरी तरह व्यक्ति के योगदान और उपलब्धियों के आधार पर किया जाता है. इस रूट के तहत भी 10 साल की रेजिडेंसी और फुल वर्क फ्रीडम मिलती है.
रिटायर्ड लोगों के लिए भी सुनहरा मौका
खाड़ी देशों में रिटायर्ड लोगों के लिए रेजिडेंसी मिलना आमतौर पर मुश्किल होता है, लेकिन बहरीन ने इस दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है. जो लोग पहले बहरीन में काम कर चुके हैं, उन्हें तय पेंशन इनकम पर रेजिडेंसी दी जाती है. वहीं, बाहर के रिटायर्ड लोगों के लिए भी अलग इनकम क्राइटेरिया रखा गया है. यह योजना उन लोगों के लिए बेहद आकर्षक है, जो बिना नौकरी के खाड़ी देशों में लंबा समय बिताना चाहते हैं.
परिवार को भी साथ लाने की सुविधा
बहरीन गोल्डन वीजा धारक अपने पति या पत्नी, माता-पिता और आश्रित बच्चों को भी स्पॉन्सर कर सकते हैं. खास बात यह है कि रेजिडेंसी बनाए रखने के लिए किसी न्यूनतम समय तक बहरीन में रहना जरूरी नहीं है.
दुबई से कितना अलग है बहरीन?
जहां दुबई और सऊदी अरब में गोल्डन वीजा के लिए भारी निवेश जरूरी होता है, वहीं बहरीन ने कम लागत और सरल नियमों के जरिए खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश किया है. कम खर्च, सुरक्षित माहौल, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर हेल्थकेयर इसे मिडिल ईस्ट का नया पसंदीदा ठिकाना बना सकता है.
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