बेंगलुरु को भारत की टेक कैपिटल कहा जाता है, लेकिन अब इसी शहर को छोड़ने की कहानियां भी तेजी से सामने आ रही हैं. उबर में काम करने वाली टेक प्रोफेशनल श्रेया प्रसाद ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि बेंगलुरु से हैदराबाद जाना उनके लिए इस साल का सबसे सही फैसला साबित हुआ.
बेंगलुरु से क्यों हुईं परेशान?
श्रेया ने अपनी पोस्ट में बेंगलुरु की कई समस्याओं का खुलकर जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वहां की खराब सड़कें, गड्ढे, लंबा ट्रैफिक जाम, कैब के लिए घंटों इंतजार, और रोजमर्रा की भागदौड़ ने उनकी मानसिक ऊर्जा को पूरी तरह खत्म कर दिया था. इसके अलावा उन्होंने खारे पानी, महंगा रहन-सहन, घटिया खाने और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बेंगलुरु छोड़ने की बड़ी वजह बताया.
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हैदराबाद ने दिया सुकून और संतुलन
हैदराबाद आने के बाद श्रेया का अनुभव पूरी तरह बदल गया. उन्होंने कहा कि यहां की जिंदगी काफी शांत, संतुलित और सेहतमंद है. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कम ट्रैफिक और कम खर्च ने उनके जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना दिया. उनके मुताबिक, हैदराबाद में रहने से उन्हें काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन मिला है, जिससे उनकी सेहत और काम पर फोकस दोनों सुधरे हैं.
'पर्यावरण बदलना भी ग्रोथ है'
श्रेया ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कई बार करियर में आगे बढ़ने का मतलब सिर्फ नौकरी या रोल बदलना नहीं होता, बल्कि अपने आसपास के माहौल को बदलना भी उतना ही जरूरी होता है. उन्होंने साफ कहा कि बेंगलुरु ने उन्हें प्रोफेशनल ग्रोथ दी, लेकिन हैदराबाद ने उन्हें जीवन का संतुलन दिया.
लोगों ने भी किया समर्थन
श्रेया की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. कई यूजर्स ने उनके अनुभव से सहमति जताई है. एक यूजर ने लिखा, कि उन्होंने भी 6 साल पहले बेंगलुरु छोड़कर हैदराबाद जाने का फैसला किया था और वह आज भी उससे खुश हैं. दूसरे यूजर ने कहा, कि हैदराबाद बेंगलुरु से कहीं बेहतर शहर है, जबकि तीसरे ने लिखा, कि यही वजह है कि वह दोबारा किसी बड़े, भीड़भाड़ वाले शहर में लौटना नहीं चाहते.
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