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अबतक धुंधला दिख रहा है... वृंदावन में होली खेलने पहुंची विदेशी महिला, अपना अनुभव बताते हुए लोगों को दी चेतावनी

वृंदावन में होली खेलने गई ऑस्ट्रियन महिला ब्रिटा श्लागबाउर ने दावा किया कि उनकी आंखों में पत्थर मिला रंग फेंका गया. जानिए उनका पूरा अनुभव और सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस.

अबतक धुंधला दिख रहा है... वृंदावन में होली खेलने पहुंची विदेशी महिला, अपना अनुभव बताते हुए लोगों को दी चेतावनी
विदेशी महिला ने दी पर्यटकों को चेतावनी

होली का त्योहार हर साल हजारों देशी-विदेशी पर्यटकों को वृंदावन खींच लाता है. मंदिरों में होने वाले खास उत्सव और रंगों की मस्ती दुनियाभर में मशहूर है. लेकिन, इस बार एक ऑस्ट्रियन महिला का अनुभव दर्दनाक साबित हुआ. उन्होंने दावा किया कि होली खेलते समय उनकी आंखों में पत्थर मिला रंग फेंक दिया गया, जिससे कई दिनों बाद भी उनकी नजर धुंधली बनी हुई है.

कौन हैं और क्या हुआ?

ऑस्ट्रिया की रहने वाली ब्रिटा श्लागबाउर (Britta Schlagbauer) ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर अपना अनुभव बताया. उन्होंने अपने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, वृंदावन में होली का अनुभव - एक शब्द में कहूं तो क्रेजी! वीडियो में उन्होंने कहा, कि उनका दिन दोस्तों, रंगों और उत्साह के साथ शुरू हुआ. उन्होंने स्कार्फ खरीदे, रंगों से सजी गायों को देखा, स्वादिष्ट भोजन किया और कई खूबसूरत मंदिरों के दर्शन किए, उन्होंने पारंपरिक पेय भांग भी पी, जो भांग की पत्तियों से बनाया जाता है. उन्होंने बताया कि माहौल खूबसूरत था, लेकिन अचानक सब बदल गया.

देखें Video:

आंखों में गया पत्थर मिला रंग

ब्रिटा के अनुसार, हर कुछ सेकंड में लोग एक-दूसरे पर रंग फेंक रहे थे. इसी दौरान किसी ने जमीन से रंग उठाया, जिसमें छोटे-छोटे पत्थर मिले हुए थे, और वह सीधे उनकी आंखों में चला गया. उन्होंने कहा, आंखों में भयंकर जलन हुई. मैं रो पड़ी, पानी से धोया भी, लेकिन कई दिनों बाद भी मेरी नजर धुंधली है. हालांकि, दर्दनाक अनुभव के बावजूद उन्होंने होली को मैजिकल बताया, लेकिन यह भी जोड़ा कि एक महिला, खासकर विदेशी महिला के लिए यह अनुभव हमेशा आसान नहीं होता.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

ब्रिटा का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. कई यूजर्स ने पर्यटकों को सलाह दी कि वे सड़कों पर होली खेलने से बचें. कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि वृंदावन के प्रसिद्ध मंदिरों जैसे श्री राधा रमण जी मंदिर और राधा वल्लभ जी मंदिर जैसे स्थानों पर नियंत्रित माहौल में होली खेलना ज्यादा सुरक्षित है. एक यूजर ने लिखा, कि होली हमेशा निजी या नियंत्रित स्थान, जैसे होटल या क्लब में खेलनी चाहिए. कुछ अन्य लोगों ने यह भी कहा, कि होली के दौरान शराब या भांग के सेवन से कई बार लोगों का व्यवहार अनियंत्रित हो जाता है.

(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)

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