Trending Story: असम के मोरीगांव जिले के सोनारीगांव में रहने वाले उत्कर्ष हजारिका ने अपने ज्ञान और सवालों के जवाब देने की काबिलियत के दम पर 1 साल 11 महीने की उम्र में ही इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करवा लिया है. उनकी नॉलेज को बढ़ाने में उनके माता-पिता ने अहम भूमिका निभाई है. इसी वजह से आज उन्हें 22 तरह के खाने की चीजें, 28 फल, 28 पक्षी, 24 सब्जियां, 28 म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स, 12 फूल, 11 पेशे, शरीर के 26 अंग, अंतरिक्ष से जुड़ी 25 चीजें और 16 स्मारक पहचान सकते हैं.
और क्या-क्या जानते हैं उत्कर्ष?
उत्कर्ष को मिले इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सर्टिफिकेट में यह भी बताया गया है कि वह हफ्ते के दिनों, महीनों, आठ ग्रहों और सात महाद्वीपों के नाम बता सकते हैं. इसके अलावा, उत्कर्ष 10 नर्सरी राइम्स, उनसे जुड़े शब्दों के साथ इंग्लिश अल्फाबेट्स और भारत के 17 नेशनल सिंबल्स के नाम सुना सकते हैं. वह 22 तरह के एक्शन भी कर सकते हैं और एक से 20 तक गिनती भी सुना सकते हैं.
वीडियो देखकर सभी ने की तारीफ
मीडिया से बात करते हुए उत्कर्ष की मां ने कहा कि उत्कर्ष की यह कामयाबी घर पर लगातार सीखने और हौसला-अफजाई का नतीजा है. उन्होंने कहा, 'एक दिन मैंने उत्कर्ष को नेशनल सिंबल्स दिखाए और दो दिन बाद उससे उनके बारे में पूछा. वह दो-तीन सिंबल्स के नाम बता पाया. फिर हमने उत्कर्ष का वीडियो इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स को भेजा. उन्होंने उन्हें चुना और हमें तारीफ भरा ईमेल भेजा.'
2 साल का होने पहले मिली कामयाबी
26 अगस्त 2024 को जन्मे उत्कर्ष की काबिलियत को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सर्टिफिकेट में 10 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया है, जिसमें उनकी कामयाबी और उनके द्वारा दिखाई गई जानकारी और गतिविधियों का ब्यौरा है. यह पहचान उन्हें दो साल का होने से पहले ही मिल गई है.
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