आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है. खासकर टेक इंडस्ट्री में इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है. अब कई ऐसे काम, जिनमें पहले घंटों लग जाते थे, कुछ मिनटों में पूरे हो रहे हैं. लेकिन इसी बदलाव के बीच एक टेक प्रोफेशनल का सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गया है. उसकी बात ने उन लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है जो रोज AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं. उसका कहना है कि AI ने काम तो आसान कर दिया है, लेकिन कोडिंग का वो मजा कहीं खो गया है जो पहले हुआ करता था.
'अब डेवलपर जैसा महसूस नहीं होता'
रेडिट पर शेयर किए गए पोस्ट में टेक प्रोफेशनल ने लिखा कि AI आने के बाद उनका काम करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है. पहले किसी समस्या का हल ढूंढने के लिए डेवलपर्स अलग-अलग वेबसाइट्स, फोरम और डॉक्यूमेंटेशन खंगालते थे. कई बार एक छोटी सी दिक्कत को सुलझाने में घंटों लग जाते थे. लेकिन अब ज्यादातर जवाब एक प्रॉम्प्ट लिखते ही मिल जाते हैं. उनका कहना है कि इसी वजह से अब उन्हें पहले जैसा डेवलपर होने का एहसास नहीं होता.
आसान हुआ काम, घट रही प्रैक्टिस?
पोस्ट में उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनी कर्मचारियों को ज्यादा से ज्यादा AI टूल्स इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. हालांकि इंटरव्यू में अब भी उम्मीदवारों की पारंपरिक कोडिंग स्किल्स को ही परखा जाता है. उनका मानना है कि AI पर बढ़ती डिपेंडेंसी की वजह से खुद से कोड लिखने की आदत कम होती जा रही है. अब उन्हें ये तो पता होता है कि क्या बनाना है, लेकिन कोडिंग की रेग्यूलर प्रैक्टिस पहले जैसी नहीं रही.
I don't feel like developer anymore after AI thing
by u/Lingo-7 in developersIndia
हर काम में AI, बढ़ा कन्फ्यूजन
टेक प्रोफेशनल ने लिखा कि अब AI की मदद से कोई भी UI, बैकएंड और DevOps जैसे कई तरह के काम आसानी से कर सकता है. इससे एक तरफ काम की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन दूसरी तरफ लोगों में कन्फ्यूजन और दबाव भी बढ़ रहा है. कई लोगों को समझ नहीं आ रहा कि भविष्य में किन स्किल्स पर ज्यादा फोकस करना चाहिए.
लोगों ने क्या कहा?
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. कुछ लोगों का कहना था कि AI ने प्रोग्रामिंग को पहले से आसान बना दिया है, लेकिन सीखने की गहराई कम हो रही है. वहीं कुछ यूजर्स ने सलाह दी कि AI का इस्तेमाल जरूर करें, लेकिन अपनी कोडिंग स्किल्स को मजबूत रखने के लिए नियमित प्रैक्टिस भी करते रहें. कई लोगों का मानना है कि AI सिर्फ कोडिंग ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की सोचने-समझने की कैपेबिलिटी को भी इफेक्ट कर रहा है.
Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.
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