World News: AI के दौर में नौकरी जाने के डर से सिंगापुर के युवा सहम गए हैं. भविष्य की इस अनिश्चितता ने उन्हें दो-दो काम करने पर मजबूर कर दिया है. महंगाई और एआई के खतरे के बीच लगभग एक तिहाई युवा अपनी फुल-टाइम नौकरी के साथ पार्ट-टाइम काम कर रहे हैं. हालात इतने डरावने हो चुके हैं कि युवाओं की रातों की नींद उड़ गई है और वे अपनी जिंदगी को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
मार्केटिंग में काम करने वाली 24 साल की सेलेस च्यू (Celest Chew) ने खुद देखा है कि कैसे एआई टूल्स उन विज्ञापनों और तस्वीरों को झटपट बना रहे हैं, जिन्हें बनाने में कभी इंसानों की जरूरत पड़ती थी. इसके अलावा, महंगे शहर में बढ़ती महंगाई, किराए और घर खरीदने के भारी दबाव ने युवाओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. कंपनियां भी वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ते खर्चों के कारण संभलकर नौकरियां दे रही हैं, जिससे बेरोजगारी और छंटनी के आंकड़े बढ़ने लगे हैं.
3 केस स्टडीज से समझें हालात
नौकरी छिनने के डर से बचने के लिए युवा अब खुद के दम पर AI-प्रूफ रास्ते तलाश रहे हैं. कोई टिक टॉक पर कपड़े बेच रहा है, तो कोई घर से कैफे चला रहा है:-
- 32 साल की एले ली दिन में फाइनेंस फर्म में पर्सनल असिस्टेंट का काम करती हैं और हफ्ते में तीन शाम टिक टॉक लाइव पर सेकंड-हैंड कपड़े बेचती हैं. इससे उन्हें हर महीने करीब 37,395 रुपये की अतिरिक्त कमाई होती है, जो उनके बिल और डॉग के खर्चे उठाने में मदद करती है.
- मार्केटिंग में फुल-टाइम नौकरी करने वाली 24 साल की सेलेस ने वीकेंड पर घर से कैफे चलाना शुरू किया है. वह टार्ट्स और ड्रिंक्स बेचकर महीने के 500 सिंगापुरी डॉलर कमाती हैं. उनका मानना है कि यह ऐसा काम है जिसे एआई कभी नहीं छीन सकता.
- प्राइवेट इक्विटी में काम करने वाले 27 साल के शेरमैन सैम अपने बचपन के शौक यानी पोकेमोन कार्ड्स को बेचने का काम करते हैं. उन्होंने एक कार्ड को 149580 रुपये में खरीदकर लगभग 1495806 रुपये में बेचा. यह एक्स्ट्रा इनकम उन्हें घर खरीदने और टैक्सी जैसी रोजमर्रा की सहूलियतें देने में मदद कर रही है.
खुद को कल के लिए तैयार कर रहे युवा
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दोहरी नौकरी का नतीजा यह है कि यहां के 72% कामकाजी युवा 'क्रॉनिक बर्नआउट' यानी ऐसी जानलेवा मानसिक और शारीरिक थकान से जूझ रहे हैं, जहां शरीर तो चल रहा है लेकिन दिमाग पूरी तरह खोखला हो चुका है.
शेरमैन सैम साफ कहते हैं कि यह सब करना बहुत थकाऊ और मुश्किल भरा है, लेकिन युवा ऐसी स्थिति में नहीं फंसना चाहते जहां उन्हें हर छोटी चीज के लिए कंजूसी करनी पड़े. AI के फ्यूचर को लेकर कोई भी विशेषज्ञ यह गारंटी नहीं दे सकता कि नौकरियां सुरक्षित रहेंगी या नहीं, इसलिए सिंगापुर का युवा अपनी जिंदगी को सुरक्षित रखने के लिए आज खुद ही अपनी ढाल बन रहा है.
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