इस्लामाबाद:
सेना के कथित तौर पर तख्तापलट करने की आशंका जताते एक मेमो पर सरकार और पाकिस्तानी सेना में बढ़ते फासलों के बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने शनिवार को लोगों से अपील की कि वे बल और धमकाकर होने वाले किसी भी परिवर्तन की अनुमति नहीं दें। जरदारी ने कहा कि बैलट का परिवर्तन के औजार के तौर पर स्वागत किया जाना चाहिए। पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की जयंती पर अपने संदेश में जरदारी ने कहा, कायद (जिन्ना) का मानना था कि कोई भी परिवर्तन बैलट के माध्यम से होना चाहिए, न कि बुलेट के माध्यम से।
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