यमन में हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले जौफ प्रांत की राजधानी हज्म स्थित एक जेल पर हुए भीषण हवाई हमले के बाद मंजर दहला देने वाला है. इस हमले के बाद अब इलाके में तनाव की लपटें एक फिर से सुलग रही हैं. मलबे के ढेर से लगातार शवों को निकाला जा रहा है. इससे मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. इस हमले के बाद हूती विद्रोहियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच फिर से सीधी जंग शुरू हो गई है. सऊदी ने हूती विद्रोहियों पर पिछले 24 घंटों में 32 एयर स्ट्राइक किए हैं.
जेल के मलबे से निकल रहे शव, चीख-पुकार का माहौल
सोमवार को हुए इस हवाई हमले में पूरी जेल इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई. बुधवार तक मलबे से चार और शवों को बाहर निकाला गया. इसके बाद इस हमले में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 23 हो गई है. वहीं 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. जौफ नागरिक सुरक्षा एजेंसी के निदेशक हसन सबूला के अनुसार, जान गंवाने वालों में एक मासूम बच्चा भी शामिल है.
रेस्क्यू टीमें अब भी मलबे में दबे 7 लापता लोगों की तलाश में दिन-रात जुटी हुई हैं. हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल-असबही ने बताया कि घायलों में एक महिला भी शामिल है. वह अपने पति से मिलने जेल आई थी.
हमला किस वक्त हुआ और उस समय जेल के अंदर कुल कितने कैदी या लोग मौजूद थे, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आ पाई है.
सऊदी अरब ने किया पलटवार
हूती सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने इस हमले का पूरा ब्योरा साझा करते हुए दावा किया है कि जेल पर हमला सऊदी अरब के F15-SA लड़ाकू विमान ने किया. उनके मुताबिक, इस विमान ने सोमवार दोपहर 4:30 बजे खमीस मुशैत स्थित 'किंग खालिद एयर बेस' से उड़ान भरी, जेल पर बमबारी की और महज 15 मिनट बाद वापस अपने बेस पर लौट गया.
इस भीषण हमले के जवाब में हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को दक्षिणी सऊदी अरब के कई शहरों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ हमले किए. इसके बाद सऊदी गठबंधन ने भी बुधवार तड़के जौफ और मारिब प्रांतों में हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों पर फिर से बमबारी की.
जुलाई से भड़की थी तनाव की आग
यमन में इस नए सिरे से शुरू हुए तनाव की शुरुआत जुलाई में हुई थी. हूती विद्रोहियों ने तेहरान (ईरान) से सना के लिए एक विमान उड़ाने की कोशिश की, जिससे पिछले एक दशक से लागू सऊदी गठबंधन की हवाई और नौसैनिक नाकेबंदी को सीधी चुनौती मिली. जवाब में गठबंधन ने सना एयरपोर्ट के रनवे पर बमबारी कर दी ताकि विमान लैंड न कर सके.
इसके बाद से ही हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब और लाल सागर में सऊदी जहाजों पर हमले तेज कर दिए. मंगलवार को हूतियों ने सऊदी अरब के कई तेल ठिकानों पर हमला बोला, जिसके कारण सऊदी ऊर्जा मंत्रालय को अपने कुछ ऑपरेशन्स अस्थायी रूप से रोकने पड़े. केवल इतना ही नहीं, हूती विद्रोही यमन के भीतर भी सऊदी समर्थित सरकारी बलों पर हमले कर रहे हैं.
लाखों जिंदगियां तबाह, मानवीय संकट गहराया
यमन का इतिहास गवाह है कि यह गृहयुद्ध 2014 में शुरू हुआ था, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को बेदखल कर दिया था.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, जौफ जेल हमले से पहले ही 23 अगस्त से 5 सितंबर के बीच यमन में भड़की हिंसा में 194 लोगों की मौत हो चुकी थी और 880 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इस हिंसा के कारण 21,000 से अधिक लोग अपने घरों को छोड़कर भागने पर मजबूर हुए हैं. हालिया हमलों ने यमन में लंबे समय से बने शांति के प्रयासों को पूरी तरह से मिट्टी में मिला दिया है.
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