- यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई ड्रोन हमले किए हैं
- सऊदी अरब ने हमले की पुष्टि की और बताया कि उसकी सेना ने कई ड्रोन नष्ट कर दिए हैं
- हमले इराक की जमीन से किए गए और ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया द्वारा अंजाम दिए जाने का आरोप है
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने कहा है कि उन्होंने सोमवार को सऊदी अरब के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ड्रोन से हमले किए. यह हमला सऊदी अरब के ड्रोन द्वारा घुसपैठ के जवाब में किया गया. हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा, "कई ड्रोन का इस्तेमाल करके पूर्वी सऊदी अरब से यानबू तक कच्चे तेल की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कई संवेदनशील ठिकानों और पॉइंट्स पर हमले किए गए." यानबू वह बंदरगाह शहर है जहां खाड़ी देश की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन लाल सागर तक पहुंचती है.
सऊदी अरब ने माना हमले हुए
वहीं सऊदी रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उसकी सेना ने ईरान समर्थित समूहों द्वारा इराक से पेट्रोलियम सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए भेजे गए कई ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब शनिवार से अमेरिका और ईरान के बीच हालिया लड़ाई में कुछ समय के लिए रुकावट आई थी, जो दोनों पक्षों के बीच 13 दिनों तक चली गोलीबारी के बाद हुई थी.
इराक की तरफ से हमले हुए
सोशल मीडिया पर जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सऊदी मंत्रालय ने कहा कि "आतंकवादी हमले इराक की जमीन से किए गए और इन्हें ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया ने अंजाम दिया". रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ड्रोन देश के पूर्वी इलाकों और राजधानी रियाद को निशाना बना रहे थे.सऊदी अरब ने मांग की कि इराक अपनी जमीन का इस्तेमाल हमले करने के लिए न होने दे. एक आधिकारिक सऊदी प्रसारक द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि सऊदी अरब "इस बात पर जोर देता है कि इराकी सरकार अपनी जमीन का इस्तेमाल हमले के लिए होने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए".
सऊदी-हूतियों में बढ़ा तनाव
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से तनाव शुरू होने के बाद से इराक में मौजूद ईरान समर्थक सशस्त्र समूहों ने इराक या इस क्षेत्र में किसी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. सऊदी अरब और खाड़ी के अन्य देशों ने संघर्ष के शुरुआती दौर में इराक में ईरान समर्थक मिलिशिया पर अपनी जमीन को निशाना बनाकर कई हमले करने का आरोप लगाया था. यह ताजा घटना ऐसे समय में हुई है, जब हाल के दिनों में सऊदी अरब पर यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हमले किए हैं. हूतियों ने सऊदी अरब के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने की भी घोषणा की है.
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