यूरोपीय देश अल्बानिया में रहने वाली 117 साल साल की कामिले मारा दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला हैं. लेकिन उन्हें न तो इस रिकॉर्ड से मतलब है या और न ही उन्हें अल्बानिया के पेंशन अधिकारियों को यह यकीन दिलाने में कोई दिलचस्पी है कि वह अभी जिंदा हैं. ओटोमन शासन के दौरान जन्मीं कामिले मारा द्वितीय विश्व युद्ध खत्म होने से दो हफ्ते पहले ही 36 साल की हो गई थीं. उन्होंने अपनी आंखों के सामने अल्बानिया की कम्युनिस्ट तानाशाही का दौर देख देखा है और अब उनका पूरा ध्यान बस अपनी जिंदगी का आनंद लेने पर है.
राजधानी से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण में फेरास स्थित अपने घर के बाहर बैठीं कामिले मारा ने मुस्कुराते हुए न्यूज एजेंसी AFP से कहा कि जिंदगी बहुत खूबसूरत है, बिल्कुल माउंट टोमोर की तरह, जब वह फूलों से खिल उठता है. माउंट टोमोर अल्बानिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है. फलों के पेड़ों से घिरे इस गांव में ही मारा ने अपनी लगभग पूरी जिंदगी बिताई है. उन्होंने खुद अपना अनाज उगाया और पशुओं की देखभाल की.
दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला
कई आधिकारिक दस्तावेजों में उनकी जन्मतिथि 19 अगस्त, 1909 दर्ज है. इस हिसाब से, मारा ब्रिटेन की एथेल कैटरहैम से दो दिन बड़ी हैं, जिन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित महिला माना है. वैसे सुपरसेंटेनेरियन यानी 110 साल से अधिक उम्र के लोग की सही उम्र साबित करना काफी मुश्किल हो सकता है.
2024 का 'इग नोबेल पुरस्कार' जीतने वाली एक स्टडी के अनुसार, सबसे लंबी उम्र तक जीने के लिए मशहूर कई लोग ऐसी जगहों से आते हैं, जहां रिकॉर्ड रखने का तरीका बहुत खराब है और पेंशन से जुड़े फर्जीवाड़े आम बात हैं. लेकिन मारा के पास ऐसे कई दस्तावेज हैं, जिनसे उनकी उम्र की पुष्टि होती है. उनके रिश्तेदारों ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से संपर्क किया है. उनके पास 1945 में जारी जन्म प्रमाण पत्र, 1978 में जारी पासपोर्ट और हाल ही का एक पहचान पत्र है - इन सभी दस्तावेजों में जन्म की तारीख एक ही है.

उनके 80 वर्षीय बेटे हायसेन के अनुसार, उनकी उम्र देखकर स्थानीय अधिकारी भी हैरान रह गए थे. जब वह 100 साल की हुईं, तो अधिकारियों ने उनकी पेंशन रोक दी थी. हायसेन ने बताया, "उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि मेरी मां अभी भी जिंदा हैं." उन्होंने याद करते हुए बताया कि पेंशन की उस मामूली रकम को दोबारा शुरू करवाने के लिए उन्हें गवाहों के बयानों समेत कई सबूत पेश करने पड़े थे. इस महीने की शुरुआत में, सरकार ने उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें एक विशेष सरकारी पेंशन दी.
क्या है इतनी लंबी उम्र का राज?
शायद इसका जवाब मारा की आदतों और जीवनशैली में छिपा है. वह सुबह जल्दी उठकर आंगन में झाड़ू लगाती हैं, फूलों को पानी देती हैं और मुर्गियों को दाना खिलाती हैं. इसके बाद, वह आराम से बैठकर अपनी पसंदीदा कॉफी का आनंद लेती हैं. वह आज भी अपने बेटे के साथ, जो उन्हीं के साथ रहता है, अपने फलों के बगीचे में टहलने जाती हैं. इस दौरान वे रुककर पके हुए अनार भी तोड़ती हैं. वह अपनी जेब में तुलसी के पत्ते भी रखती हैं, ताकि उनकी खुशबू का मजा ले सकें.

राज चाहे जो भी हो, उनके बेटे का कहना है कि वह कभी डॉक्टर के पास भी नहीं गईं. उनकी सेहत बहुत अच्छी है और उन्होंने कभी कोई दवा नहीं ली है.
यह भी पढ़ें | चीन की लोकल सब्जी मंडी में पहुंचा भारतीय यूट्यूबर, एक चीनी ने पूछा- कौन जाति हो
पांच पीढ़ियां देखीं
कामिले मारा के पति का निधन 36 साल पहले हो गया था, लेकिन आज भी जब वह उनके साथ बिताए दशकों के बारे में बात करती हैं, तो उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. उनकी अरेंज मैरिज हुई थी, लेकिन उनका रिश्ता प्यार से भरा था. उन्होंने कहा, "वरना, उनके साथ मेरे सात बच्चे कैसे होते?"
उन्होंने अपने परिवार की पांच पीढ़ियों को अपने सामने बड़ा होते देखा है. जब उन्हें उन परिवारजनों और दोस्तों की याद आई जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, तो उनकी आंखों में आँसू आ गए. लेकिन, जब उनकी एक भतीजी ने उनसे बात करने के लिए फोन किया, तो उनका चेहरा फिर से खिल उठा. उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें सगाई करते, शादी करते और अपना घर-संसार बसाते देखा है." अपनी जवानी के दिनों की उन्होंने बस एक तस्वीर संभाल कर रखी है. लगभग 100 साल पुरानी एक तस्वीर, जिसमें एक युवती ने बिल्कुल वैसा ही सफेद स्कार्फ पहना है, जैसा मारा ने अभी पहन रखा है.
उन्होंने कहा, "तब मैं 18 साल की थी!"
यह भी पढ़ें | रूस के छोटे से गांव में पहुंचा इंडियन यूट्यूबर, खेत देख रह गया दंग, कहा- यह चीज तो हमें सीखनी चाहिए
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं