VIRAL VIDEO: इंडियन ट्रैवल यूट्यूबर बंसी बिश्नोई ने रूस के एक छोटे से गांव में सफर किया. वहां के खेतों को देखा और एक लोकल फैमिली के साथ उनके खेत में कैंपिंग भी की. कजाकिस्तान के बॉर्डर से केवल 20-30 किमी दूर रूस के इस अल्ताई रीजन के गांव में घूमने का अनुभव उन्होंने शेयर किया. बंसी बिश्नोई ने Real Village Life in Russia 🇷🇺 (रशिया के गांव में ऐसी है जिंदगी) टाइटल नाम से ये वीडियो अपने Bansi Bishnoi नाम के यूट्यूब चैनल पर शेयर किया है. उनके इस चैनल पर 1.25 मिलियन सब्सक्राइबर हैं और इस वीडियो को 6 लाख व्यूज मिल चुके हैं.
केवल 3 लाख रुपए में लोकल परिवार ने खरीदी खेत की जमीन, साथ में घर भी मिला
फुल-टाइम ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर बंसी बिश्नोई ने इस वीडियो में बताया कि इस रूसी गांव में उनके एक भारतीय दोस्त का घर है और वह यहां 3 साल पहले भी आ चुके हैं. इस बार आने पर वह लोकल फैमिली के साथ गांव में रह रहे हैं. उसी फैमिली ने 30 किलोमीटर दूर अपना एक खेत खरीदा है, जो उन्हें भारतीय करेंसी में सिर्फ 3 लाख रुपए में मिला है. कमाल की बात है कि उसमें ठहरने के लिए लकड़ी का मकान भी है, जिसमें किचन से लेकर बाथरूम तक सब थे. इसी खेत में कैंपिंग करने बंसी इस परिवार के साथ उसकी वैन में बैठकर गए. उस परिवार के मुखिया का नाम रूसलॉन था. वैन में खेत तक के सफर के दौरान बंसी ने बताया कि अभी रूस के इस इलाके में जंग की वजह से पेट्रोल की किल्लत चल रही है. रूसलॉन भी रात को 2 घंटे पेट्रोल पंप पर लाइन में लगे रहे और तब जाकर उन्हें 30 लीटर पेट्रोल मिला. रूसलॉन की बेटी ने भी अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया है.
"भारतीयों को यह बात सीखनी चाहिए"
रास्ते में शानदार सड़क के दोनों तरफ बड़े-बड़े खेत थे, जिनमें सूरजमुखी लगे थे. बंसी ने बताया कि यहां इसी तरह बड़े-बड़े खेत होते हैं. भारत के गांवों की तरह छोटे खेत नहीं होते. गेहूं का खेत होगा तो 10 किमी लंबा-लंबा खेत होगा और एक ही मालिक होगा. उन्होंने कहा, "यहां रूस के खेतों में बड़ी टेक्नोलॉजी से खेती की जाती है. इसीलिए वे इतनी आसानी से इतने बड़े-बड़े खेतों में खेती कर लेते हैं."
उन्होंने कहा कि यहां के गांवों के खेतों में आवारा पशुओं की कोई परेशानी नहीं है कि वे खेत में घुस जाएंगे और नुकसान कर देंगे. वो सब नहीं होता. उन्होंने कहा, "देखो, आसपास पूरा जंगल ही है. लेकिन फिर भी यहां एक भी कचरा नहीं दिखाई देता. न सड़क पर दिखाई दे रहा है, न झील के अंदर दिखाई दे रहा है. बहुत ही साफ-सुथरी बेहतरीन जगह है भाई. यही तो सीखने वाली चीजें हैं."
खेत में क्या दिखा?
खेत जहां था, वह भी छोटा-सा गांव था, लेकिन वहां भी शहरों जैसा इंतजाम था. रूसलॉन के अनुसार, आगे पेट्रोल की किल्लत और बढ़ सकती है, इसलिए उन्होंने लगभग 15 ड्रम पेट्रोल भरकर वहां रख लिया था. रात की कैंपिंग के लिए रूसलॉन की फैमिली खाने का सामान अपने साथ लाई थी. केवल 3 लाख में खेत की इतनी बड़ी जमीन देखकर बंसी भी अचरज में थे. बंसी उस गांव में भी घूमे, जहां खेत था, और देखा कि लोगों के पास खेती के औजार थे, बड़े-बड़े ट्रैक्टर थे. वहां हर ओर सब कुछ साफ था. गांव में लोकल सरकारी हॉस्पिटल था, जो एकदम चमक रहा था. यह देखकर बंसी ने कहा कि अगर भ्रष्ट सिस्टम न हो तो गांव भी ऐसे दिख सकते हैं. वहां गांव के जिस हिस्से में कच्ची सड़क है, वहां भी गटर पाइप बिछा हुआ है. वापस आकर उस रूसी परिवार के साथ उन्होंने वह शाम कैंपिंग करते, खाते-पीते, गाना सुनते और डांस करते हुए गुजारी.
यह भी पढ़ें: चीन की लोकल सब्जी मंडी में पहुंचा भारतीय यूट्यूबर, एक चीनी ने पूछा- कौन जाति हो
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं