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This Article is From Feb 21, 2019

लड़की तेज रोशनी करके यूज करती थी मोबाइल, आंखों की हो गई ऐसी हालत

25 साल की एक लड़की, जो मोबाइल की ब्राइटनेस को फुल करके दिन-रात फोन के साथ वक्त बिताती थी. इस वजह से उसकी आंखें खराब ही नहीं हुईं बल्कि आंखों के कोर्निया में 500 छेद हो गए.

लड़की तेज रोशनी करके यूज करती थी मोबाइल, आंखों की हो गई ऐसी हालत
मोबाइल की रोशनी बढ़ाकर यूज़ करती थी महिला, आंखों में हुए 500 छेद और फिर...
ताइवान:

आप और हम रोज़ाना घंटों तक मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. दिनों-दिन बढ़ते ऐप्स की वजह से मोबाइल के साथ वक्त बिताने का सिलसिला भी बढ़ता जा रहा है. कभी सिर्फ एक या दो घंटे फोन के साथ बिताया करते थे, लेकिन अब एक या दो घंटे ही फोन के बिना रह पाते हैं. ये सब जानते हुए कि मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल आंखों से लेकर सेहत, सभी के लिए नुकसानदायक होता है. कई लोग इसके नुकसान से गुज़र भी रहे हैं. लेकिन हाल ही एक बहुत ही खतरनाक मामला सामने आया है. 

25 साल की एक लड़की, जो मोबाइल की ब्राइटनेस को फुल करके दिन-रात फोन के साथ वक्त बिताती थी. इस वजह से उसकी आंखें खराब ही नहीं हुईं बल्कि आंखों के कोर्निया में 500 छेद हो गए. जी हां, ताइवान की इस लड़की ने फोन का इतना इस्तेमाल किया, उसकी आंखों के कोर्निया में छेद ही छेद हो गए. 

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वर्ल्ड ऑफ बज़ के मुताबिक ये लड़की प्रोफेशन के सेक्रेटरी है, जिसे अपने काम के चलते मोबाइल से फटाफट मेल, मैसेज और कॉल का जवाब देना पड़ता है. चाहे दिन हो या रात, उसे मोबाइल पर एक्टिव रहना होता है. इस वजह से वह अपने मोबाइल की ब्राइटनेस को हमेशा फुल रखती थी. इसी आदत से उसकी आंखों को इतना नुकसान हुआ कि कोर्निया में 500 छेद हो गए. 

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साल 2018 तक दो साल उसने ऐसे ही काम किया, जिसके बाद उसे महसूस हुआ कि उसकी आंखों में कुछ दिक्कत है. कई आई स्पेशलिस्ट को दिखाया. आई ड्रॉप्स डाले लेकिन कुछ ना हुआ, धीरे-धीरे आंखों में दर्द और ब्लडशॉट (आंखों में खून वाली नसें) होने लगा. धीरे-धीरे दिखने में भी दिक्कत होने लगी. जब उसके अस्पताल में आंखे दिखाई तो पता चला कि बाईं आंख के कोर्निया में 500 छेद हो चुके हैं. फिलहाल उस लड़की का इलाज जारी है.  

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क्या होती है कोर्निाया?
बता दें, आंख की सबसे सामने वाली ट्रांसपेरेंट परत को कोर्निया कहते हैं. आखों पर गुंबद के आकार की ये परत आंखों को दृष्टि केंद्रित करने में मदद करती है.  

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