- यूक्रेन का आरोप- रूस उसके कब्जे वाले इलाकों से चोरी किया गया अनाज इजरायल को गैर-कानूनी रूप से बेच रहा है
- यूक्रेन ने इजरायल पर आरोप लगाया कि वह चोरी के अनाज के जहाजों को अपने बंदरगाह पर उतारने की तैयारी कर रहा
- इजरायल ने यूक्रेन के आरोपों को बिना सबूत बताया और कहा कि संबंधित जहाज हाइफा बंदरगाह पर नहीं पहुंचा है
अमेरिका के दो बड़े साथी देश, यूक्रेन और इजरायल अब आमने-सामने आ गए हैं. वजह है “चोरी का अनाज”! यूक्रेन का आरोप है कि रूस उसके कब्जे वाले इलाकों से अनाज चुराकर भेज रहा है, और इजरायल उसे खरीद रहा है. इस आरोप ने दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा कर दिया है. अब बयानबाजी तेज हो गई है और मामला सीधे सरकारों के स्तर तक पहुंच गया है. यूक्रेन दुनिया के सबसे बड़े अनाज उत्पादकों में से एक है और वह बार-बार रूस पर आरोप लगाता रहा है कि 2022 में हमले के बाद से रूस उसके कब्जे वाले इलाकों से अनाज गैर-कानूनी तरीके से बाहर भेज रहा है.
यूक्रेन का आरोप
अब यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ऐसा ही एक जहाज इजरायल के एक बंदरगाह पर पहुंच चुका है और अनाज उतारने की तैयारी कर रहा है. यह वैध (कानूनी) व्यापार नहीं है और हो भी नहीं सकता.” उन्होंने इजरायल की आलोचना करते हुए कहा, “इजरायल के अधिकारी यह नहीं कह सकते कि उन्हें पता नहीं है कि उनके बंदरगाहों पर कौन से जहाज आ रहे हैं और वे क्या सामान ला रहे हैं.”
Придбання вкраденого в усіх нормальних країнах є діянням, яке тягне за собою юридичну відповідальність. Це стосується, зокрема, і вкраденого Росією зерна. Ще одне судно з таким зерном прибуло в порт Ізраїлю та готується до розвантаження. Це не є і не може бути чистим бізнесом.…
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) April 28, 2026
इजरायल का जवाब
इजरायल ने कहा कि यूक्रेन ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है. उसने यह भी कहा कि जिस जहाज की बात हो रही है, वह हाइफा बंदरगाह पर पहुंचा ही नहीं है. इजरायल के विदेश मंत्री गिडिओन सार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यूक्रेन सरकार ने कोई कानूनी मदद की मांग नहीं की है और न ही अपने दावों के लिए कोई सबूत दिया है. जहाज अभी बंदरगाह में दाखिल नहीं हुआ है और उसने अपने दस्तावेज भी जमा नहीं किए हैं.”
उन्होंने यह भी कहा, “यह जांच करना संभव नहीं है कि यूक्रेन का जो दावा है कि माल के कागज (बिल ऑफ लाडिंग) में फर्जीवाड़ा हुआ है, वह सही है भी या नहीं.” विदेश मंत्री सार ने यूक्रेन की आलोचना करते हुए कहा कि यह “ट्विटर डिप्लोमेसी” है. उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेन के पास चोरी के सबूत हैं, तो सही तरीके से पेश करे.
यूक्रेन के आरोप और रूस का जवाब
यूक्रेन का आरोप है कि 2025 में रूस ने उसके कब्जे वाले इलाकों से 20 लाख टन से ज्यादा अनाज चुरा लिया है. यूक्रेन का कहना है कि उसने इन खेपों (शिपमेंट) को अफ्रीका, एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप तक जाते हुए ट्रैक किया है. रूस के क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि इजरायल और यूक्रेन के बीच बढ़ता यह विवाद दोनों देशों का आपसी मामला है. उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, “हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते और न ही इसमें शामिल होना चाहते हैं.”
बता दें कि 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद दुनिया भर में खाद्य कीमतें बढ़ गई थीं. उसी साल संयुक्त राष्ट्र और तुर्की ने एक समझौता कराया था, जिससे यूक्रेन को काला सागर के रास्ते अनाज निर्यात करने की अनुमति मिली थी. लेकिन बाद में रूस इस समझौते से हट गया और उसने कहा कि उसे इसके बदले प्रतिबंधों में राहत चाहिए.
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