Ukraine War: 'परमाणु हथियारों के ज़ोर से' युद्ध को आखिरी मुकाम पर ले जाने को तैयार पुतिन

Russia Ukraine War: रूस के पास शीत युद्ध के जमाने के करीब 1900 परमाणु हथियार हैं, जो अभी तक उसके भंडार में हैं. अगर पुतिन ऐसा कोई हथियार प्रयोग करने की सोचते हैं तो यह निशाना यूक्रेन में सैन्य ठिकाने पर हो सकता है.  

Ukraine War: 'परमाणु हथियारों के ज़ोर से' युद्ध को आखिरी मुकाम पर ले जाने को तैयार पुतिन

रूस(Russia) के पास शीत युद्ध के जमाने के करीब 1900 परमाणु हथियार हैं. (File Photo)

Nuclear War Threat in Ukraine:  यूक्रेन (Ukraine) में अमेरिका (US) और उसके सहयोगियों के साथ रूस (Russia) परमाणु हथियारों (Nuclear Weapons) को लेकर नया खतरा बना रहा है. व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) ने अपने अधिकारियों की सलाह पर यूक्रेन में छोटे परमाणु हथियारों के प्रयोग की नई चेतावनी दी है. रूस की लंबी दूरी की मिसाइलें और बॉम्बर लगातार अलर्ट पर हैं, वह मिनटों में दागे जाने के लिए तैयार हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक अमेरिका और यूरोपीय अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल रूस अपने भंडारों में रखे रणनीतिक हथियारों को बाहर नहीं निकाल रहा है और परमाणु धमकी पूरी तरह से जुबानी है. लेकिन रूसी सेना लगातार यूक्रेन में हार का सामना कर रही है, इसमें पिछले हफ्ते रूस में शामिल किए गए इलाके भी शामिल हैं. ऐसे में रूसी सेना एक बार फिर परमाणु हथियारों के प्रयोग का डर दिखाना चाहती है. साल 1945 के बाद से लड़ाई में परमाणु हथियारों का प्रयोग नहीं हुआ है.  

यह धमकियां अमेरिका और यूरोप को यूक्रेन की मदद करने के खिलाफ धमकाने के लिए अधिक और यूक्रेन को अपनी शर्तों पर मानने के लिए मजबूर करके की तरफ अधिक लगती हैं. रूस ने यूरोप में कई जगह गैस सप्लाई काटी है और आने वाली सर्दियों में वहां ऊर्जा  संकट बड़ा हो सकता है. राष्ट्रपति पुतिन गैस के दामों पर यूरोप में फूट डलवाना चाहते हैं और वह इस मुद्दे पर जनता को सरकार के खिलाफ खड़े करना चाहते हैं.  

"युद्द का आखिरी मुकाम"

राष्ट्रपति पुतिन की तरफ से 3 लाख की रिज़र्व सेना को बुलाया जाना और कब्जा किए गए इलाके को जल्दबाजी में रूस में मिलाने की घोषणा करना, और अपने भाषण में पश्चिम पर "शैतानी" होने का आरोप लगाना उन ताजा प्रयासों में से एक हैं जो दिखाते हैं कि व्लादिमिर पुतिन इस युद्ध को आखिरी मुकाम पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.  

वह धमाके, जिनके कारण पिछले हफ्ते बाल्टिक सागर में अहम पाइपलाइन में गैस लीक हुआ, उन्हें अमेरिका ने जानबूझ कर किया गया दुस्साहस बताया जिससे दूसरे महाद्वीप के ऊर्जा तंत्र को कमजोर दिखाया जा सके.  

अब तक यूक्रेन के सहयोगियों ने हथियारों की आपूर्ती पर अपनी प्रतिबद्धता कमजोर नहीं की है. लेकिन रूस की जुबान में यह व्लादिमिर पुतिन की तरफ से खतरे को और बढ़ा देता है.  

रूस के पास शीत युद्ध के जमाने के करीब 1900 परमाणु हथियार हैं, जो अभी तक उसके भंडार में हैं.  अगर पुतिन ऐसा कोई हथियार प्रयोग करने की सोचते हैं तो यह निशाना यूक्रेन में सैन्य ठिकाने पर हो सकता है.  

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रूस के सामरिक हथियार भी बड़े हैं. यह 10 किलोटन से या कहें कि 10,000 टन की क्षमता के हैं. यह अमेरिका की तरफ से हिरोशिमा पर गिराए गए 15 किलोटन के परमाणु बम का दो तिहाई होगा.  हिरोशिमा के बम धमाके में 12 स्क्वायर किलोमीटर के इलाके में करीब 70,000 लोग मारे गए थे और कई हजार रेडिएशन के प्रभाव में आ गए थे.   
 

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