- हूतियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास ड्रोन और मिसाइल तैनात कर जहाजों पर हमले की तैयारी पूरी कर ली है
- सऊदी अरब ने हूतियों के साथ चार साल पुरानी शांति संधि टूटने और मिसाइल हमलों को गंभीरता से लिया है
- ईरान और हूतियों का लाल सागर बंद करने का प्रयास वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल-गैस बाजारों के लिए गंभीर खतरा है
ईरान ने यमन के हूती संगठन से कहा है कि अगर अमेरिका ईरान के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करता है, तो वे रेड सी से तेल ले जाने वाले रास्ते को बंद करने के लिए तैयार रहें. इससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए एक नया और बड़ा खतरा पैदा हो सकता है. मामले की जानकारी रखने वाले दो सीनियर ईरानी सूत्रों और एक क्षेत्रीय सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक की लीडरशिप में इस बारे में चर्चा हुई है और यह संदेश ईरान के सहयोगी हूती संगठन तक पहुंचा दिया गया है.
बाब अल-मंडेब के पास ड्रोन तैनात
सूत्रों ने बताया कि हाल ही में हूतियों को तेहरान के इस अनुरोध की जानकारी दी गई थी, जिसकी रिपोर्ट पहले कभी नहीं की गई थी. उन्होंने इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी कि यह जानकारी कैसे दी गई या क्या यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंगलवार को ईरानी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी के बाद की गई थी. ईरान के विदेश मंत्रालय और हूती समूह के प्रवक्ता रॉयटर्स के अनुरोध पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. सूत्रों के अनुसार, हूतियों ने बाब अल-मंडेब के पास ड्रोन तैनात किए हैं. हूतियों के करीबी एक सूत्र ने बताया कि समूह ने यमन के पहाड़ी इलाकों में, होदेइदाह और अदन की खाड़ी के सामने स्थित लाल सागर के प्रवेश द्वार, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास मिसाइलों और ड्रोनों को तैनात करके जहाजों पर हमला करने की तैयारी पूरी कर ली है और हमले शुरू करने के आदेश का इंतजार कर रहा है.
मैप से समझिए लाल सागर-होर्मुज
The biggest nightmare of 🇺🇸 Trump is taking shape. 🔥
— Robert Bruce (@24_70xu) July 16, 2026
🇮🇷🇾🇪 Iran has asked Yemen's Houthis to prepare to close Red Sea oil shipping routes if the United States attacks Iran's power infrastructure.
Imagine the impact: one more global recession is loading. 📉 pic.twitter.com/veVkbSPcyY
कब बंद होगा और कौन लेगा निर्णय
लाल सागर और उसके बाब अल-मंडेब जलमार्ग पर किसी भी प्रकार का खतरा ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट को और भी गंभीर बना सकता है और नए सिरे से युद्ध छिड़ने के गंभीर जोखिमों की ओर इशारा करता है. होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही बंद होने के कारण, लाल सागर में जहाजों या बंदरगाहों पर हूती विद्रोहियों के किसी भी हमले से मध्य पूर्व के दो मुख्य तेल निर्यात मार्ग एक साथ बाधित हो जाएंगे, जिससे ऊर्जा संकट और ईरान के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापक संघर्ष दोनों में एक नया मोर्चा खुल जाएगा. हूती विद्रोहियों के करीबी एक सूत्र ने बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के प्रतिनिधि, जो पहले से ही यमन में मौजूद हैं, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को कब बंद किया जाए, इस पर निर्णय लेंगे.
सऊदी और हूतियों के बीच टूटी संधि
इस इलाके में बढ़ते तनाव के बीच, हूतियों ने सऊदी अरब पर मिसाइलें दागीं. उन्होंने सऊदी अरब पर सोमवार को उनके कब्जे वाले एक एयरपोर्ट पर बमबारी करने का आरोप लगाया और इस तरह सऊदी अरब और उनके गुट के बीच चार साल से चल रही शांति संधि को तोड़ दिया. रिस्क इंटेलिजेंस कंपनी 'वेरिस्क मेपलक्रॉफ्ट' के मिडिल ईस्ट मामलों के मुख्य विश्लेषक, टॉर्बजॉर्न सॉल्व्ड्ट ने कहा कि हूतियों और सऊदी अरब के बीच तनाव का यह बढ़ना गलत समय पर हुआ है. उन्होंने कहा, "अगर लड़ाई और तेज होती है और रेड सी (लाल सागर) में मौजूद एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और शिपिंग तक फैल जाती है, तो इससे इस इलाके से तेल एक्सपोर्ट के एकमात्र बड़े वैकल्पिक रास्ते पर खतरा पैदा हो जाएगा."
तेल-गैस बाजारों के लिए बड़ा संकट
रियाद के करीबी दो क्षेत्रीय सूत्रों ने बताया कि ईरान और हूतियों से मिल रही धमकियों को सऊदी अरब गंभीरता से ले रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि रियाद को इस बात की जानकारी है कि यमन का यह समूह अब लाल सागर को लेकर ईरान के साथ घनिष्ठ समन्वय कर रहा है. उनका कहना है, लाल सागर को बंद करना मुश्किल नहीं होगा. खाड़ी के तेल का एक बड़ा हिस्सा सऊदी पाइपलाइन के जरिए लाल सागर की ओर मोड़ दिया गया है, और अब यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का लगभग 7% वहन करता है. गाजा युद्ध के दौरान जब हूतियों ने जहाजों पर हमला किया, तो प्रमुख शिपिंग कंपनियों ने अपने माल को अफ्रीका के चारों ओर से होकर जाने वाले कहीं अधिक लंबे और महंगे मार्ग की ओर मोड़ दिया. चूंकि सऊदी अरब ने खुद अपने ऊर्जा निर्यात का 70% हिस्सा अपने लाल सागर बंदरगाह यानबू के माध्यम से मोड़ दिया है, इसलिए वहां किसी भी प्रत्यक्ष हमले से तेल-गैस बाजारों के लिए भी बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी.

क्या हूती बंद कर सकते हैं लाल सागर
क्षेत्र के एक सूत्र ने बताया कि ईरान के धार्मिक शासक, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित असर बढ़ाकर और रेड सी में जहाजों की आवाजाही व उस रास्ते से सऊदी तेल के निर्यात में रुकावट की धमकी देकर अमेरिका पर दबाव बनाना चाहते हैं. सूत्र ने इसे "ईरानी सोच" का हिस्सा बताया. सूत्र ने कहा कि इस जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को बंद करना मुश्किल नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा, "जिसके पास भी गोली चलाने वाली राइफल हो, वह जहाजों की आवाजाही में रुकावट डाल सकता है. जहाजों की आवाजाही रोकने के लिए अत्याधुनिक मिसाइलों की जरूरत नहीं है." ईरान, हूती विद्रोहियों को अपने क्षेत्रीय एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस का हिस्सा मानता है. इस गठबंधन में लेबनान का हिज्बुल्लाह और इराक के शिया सशस्त्र समूह भी शामिल हैं, जो तेहरान और वॉशिंगटन के बीच चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष में पहले ही शामिल हो चुके हैं. लेकिन हूती विद्रोही अभी तक आधिकारिक तौर पर इस लड़ाई में शामिल नहीं हुए हैं. अमेरिका का कहना है कि ईरान ने हूतियों को हथियार, फंडिंग और ट्रेनिंग दी है, जिसमें हिज्बुल्लाह के जरिए दी गई मदद भी शामिल है. तेहरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है.
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