COP28 के लिए दुबई में पीएम मोदी, 200 देश ऐतिहासिक जलवायु समझौते पर पहुंचे, प्रमुख बातें

दुबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP28) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए गुरुवार रात दुबई पहुंचे. दुबई एयरपोर्ट पर उनका शानदार स्‍वागत हुआ. पीएम मोदी आज होने वाले COP28 के वर्ल्‍ड क्‍लाइमेट एक्‍शन समिट में भाग लेंगे. दुनिया के दो सबसे बड़े प्रदूषक होने का 'तमगा' हासिल करने के बावजूद, अमेरिका और चीन के नेता COP28 में भाग नहीं ले रहे हैं.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

  1. पीएम मोदी जैसे ही दुबई एयरपोर्ट पर उतरे, एक होटल के बाहर इंतजार कर रहे भारतीय प्रवासियों के उत्साहित सदस्यों ने 'सारे जहां से अच्छा' गाना गाया और 'भारत माता की जय' के साथ-साथ 'वंदे मातरम' के नारे लगाए. पीएम मोदी को चाहनेवालों की संख्‍या पूरी दुनिया में बढ़ती जा रही है. वह किसी भी देश में जाएं, वहां उनके चाहनेवाले नजर आ ही जाते हैं. दुबई में भी पीएम मोदी को चाहनेवालों की कमी नहीं है. 

  2. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, "सीओपी-28 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुबई में उतरा हूं... शिखर सम्मेलन शुरू होने का इंतजार कर रहा हूं, जिसका उद्देश्य एक बेहतर ग्रह बनाना है. दुबई में मिला भव्‍य स्‍वागत हमारी जीवंत संस्कृति और मजबूत संबंधों का प्रमाण है."

  3. गुरुवार रात दुबई पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकासशील देशों को जलवायु वित्तपोषण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का आह्वान किया, जिससे उन्हें जलवायु परिवर्तन से पैदा हुई चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सशक्त बनाया जा सके. पीएम मोदी आज जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP28) के दौरान वर्ल्‍ड क्‍लाइमेट एक्‍शन समिट में भाग लेंगे. वर्ल्‍ड क्‍लाइमेट एक्‍शन समिट COP28 का उच्च-स्तरीय खंड है. 

  4. COP28 में पीएम मोदी की भागीदारी वर्ल्‍ड क्‍लाइमेट एक्‍शन समिट से कहीं ज्‍यादा है... क्योंकि वह तीन अतिरिक्त कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए तैयार हैं. यूएई की अध्यक्षता में COP28, 30 नवंबर से 12 दिसंबर तक चलता है. पीएम मोदी ने पेरिस समझौते के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करने और भविष्य में क्‍लाइमेट एक्‍शन पर रोड मैप तैयार करने के लिए एक मंच के रूप में COP28 के महत्व को रेखांकित किया.

  5. दुबई में जलवायु वार्ता एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, क्योंकि वैश्विक उत्सर्जन में वृद्धि जारी है. संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को घोषणा की कि 2023 रिकॉर्ड इतिहास में सबसे गर्म वर्ष होने की राह पर है, जिसे लेकर तुरंत कदम उठाने की जरूरत है. इसके तहत नुकसान और क्षति का अनुमान और कोष की स्थापना, जिसकी लंबे समय से जलवायु-संवेदनशील राष्ट्रों द्वारा वकालत की गई थी, उन्‍होंने COP28 में एक प्रारंभिक जीत दर्ज की.

  6. संयुक्त अरब अमीरात और यूरोपीय संघ (ईयू) ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए क्रमशः $100 मिलियन और $246 मिलियन की प्रारंभिक प्रतिबद्धताएं कीं. हालांकि, लेकिन वे जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों से निपटने के लिए विकासशील देशों द्वारा आवश्यक $100 बिलियन से कम हैं.

  7. COP28 जो इतिहास का सबसे बड़ा जलवायु सम्मेलन बनने जा रहा है, 140 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की मेजबानी कर रहा है, जो पिछले साल के COP27 से दोगुनी संख्‍या है. सम्‍मेलन के दौरान शुक्रवार और शनिवार को राष्‍ट्राध्यक्ष भाषण देंगे. ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III एक औपचारिक संबोधन के साथ कार्यक्रम की आधिकारिक शुरुआत करेंगे.

  8. यूएई को 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने और ऊर्जा दक्षता सुधार की वार्षिक गति को दोगुना करने के लिए एक समझौते की अगुवाई करने की उम्मीद है. 30 नवंबर से 12 दिसंबर तक महत्वपूर्ण वार्ताओं का दौर चलेगा. हालांकि, विशेषज्ञों ने कहा है कि इस दौरान देशों के बीच विश्वास कायम करना एक बड़ी बाधा साबित हो सकता है.

  9. सम्मेलन जैसे ही शुरू हुआ, प्रतिनिधियों ने गाजा में मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए एक मिनट का मौन रखा. शिखर सम्मेलन के मौके पर, इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने अपने संयुक्त अरब अमीरात समकक्ष शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की. फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को COP28 में भाग लेना था, लेकिन उनके कार्यालय ने कहा कि उनके स्थान पर फ़िलिस्तीनी विदेश मंत्री भाग लेंगे.

  10. दुनिया के दो सबसे बड़े प्रदूषक होने का 'तमगा' हासिल करने के बावजूद, अमेरिका और चीन के नेता COP28 में भाग नहीं ले रहे हैं. हालांकि, एकता का एक दुर्लभ प्रदर्शन करते हुए, दोनों देशों ने सम्मेलन से पहले एक संयुक्त जलवायु घोषणा जारी की है.