- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर को नाजुक बताया
- वेंस ने कहा कि ईरान के कुछ लोग सीजफायर के बारे में झूठ फैला रहे हैं और यह समझौता अस्थिर हो सकता है
- अमेरिका ने अपने सैन्य उद्देश्य पूरे कर लिए हैं और ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग खोलने पर सहमति दी है
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग में सीजफायर के ऐलान पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि ईरान में कुछ लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और सही बातें कही हैं. इस सीजफायर को 'नाजुक' करार देते हुए कहा कि यह समझौता फिलहाल केवल शुरुआती चरण में है और इसकी स्थिरता अनिश्चित बनी हुई है. उन्होंने कहा कि यह सीजफायर सिर्फ 8 से 12 घंटे पुराना है, इसलिए इसे नाजुक ही कहा जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कुछ लोग सीजफायर के समझौते के बारे में झूठ बोल रहे हैं. वेंस ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह एक नाजुक समझौता है. अगर ईरान के लोग झूठ बोलेंगे तो उन्हें इसका अच्छा नतीजा देखने को नहीं मिलेगा.
'ईरान के लोग समझौते को बना रहे जटिल'
जेडी वेंस ने चेतावनी दी कि ईरान के नेतृत्व के भीतर मतभेद इस समझौते को जटिल बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि ईरानी सिस्टम के भीतर सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो युद्ध और सीजफायर पर सरासर झूठ बोल रहे हैं. वे समझौते की प्रकृति और सीजफायर पर झूठ बोल रहे हैं. वेंस ने कहा, 'मैं कहना चाहता हूं कि यह एक नाजुक समझौता है. कुछ लोग ऐसे हैं जो स्पष्ट रूप से बातचीत की मेज पर आना चाहते हैं और एक अच्छा सौदा करने के लिए हमारे साथ काम करना चाहते हैं. वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो उस नाजुक समझौते के बारे में भी झूठ बोल रहे हैं, जो हमने पहले ही कर लिया है.'
'अमेरिका ने हासिल किए अपने लक्ष्य'
वेंस ने कहा, 'ईरान ने जलमार्ग खोलने पर सहमति दी है और अमेरिका ने हमले रोक दिए हैं.' उन्होंने यह भी दावा किया कि सीजफायर से पहले ही अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर चुका था. उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति का लक्ष्य ईरानी सैन्य क्षमता को कमजोर करना था और वह उद्देश्य पूरा हो चुका है.' अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि अगर ईरानी लोग अच्छी भावना के साथ हमारे साथ काम करने को तैयार हैं, तो मुझे लगता है कि हम एक समझौता कर सकते हैं. लेकिन अगर वे झूठ बोलेंगे और धोखा देंगे या उस नाजुक समझौते को भी कमजोर करने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें इसका अच्छा नतीजा नहीं मिलेगा.
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'कभी भी टूट सकता है सीजफायर...'
उन्होंने कहा कि यही विरोधाभास सीजफायर को अस्थिर बनाता है और अगर इसे सावधानी से नहीं संभाला गया, तो यह कभी भी टूट सकता है. वेंस ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी टीम को ईमानदारी से बातचीत करने का निर्देश दिया है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि धैर्य सीमित है. उन्होंने कहा, 'अगर ईरान सकारात्मक तरीके से बातचीत करता है, तो व्यापक समझौता संभव है.' साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत विफल होती है, तो अमेरिका के पास सैन्य, कूटनीतिक और असाधारण आर्थिक दबाव जैसे मजबूत विकल्प मौजूद हैं.
यह सीजफायर अमेरिका की ओर से ईरान को दिए गए अल्टीमेटम के बाद हुआ, जिसमें प्रमुख समुद्री मार्गों को खोलने और वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को रोकने की शर्त रखी गई थी. वेंस ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर वार्ताकारों ने यह स्पष्ट किया था कि स्ट्रेट को खोलने के बदले युद्धविराम लागू किया जाएगा. समझौते के तहत ईरान ने रणनीतिक जलमार्गों को फिर से खोलने पर सहमति जताई, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सैन्य हमले रोक दिए हैं.
(IANS के इनपुट के साथ)
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