- वेनेजुएला में 24 जून को आए विनाशकारी भूकंप में 3 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घायल हैं
- 26 साल के जीसस ने अपने पिता और दो छोटे भाइयों को भूकंप के मलबे से 20 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया
- जीसस की मां अब भी लापता हैं, परिवार को 14 दिन बाद भी उनके जीवित मिलने की उम्मीद है
वेनेजुएला में 24 जून को आए विनाशकारी भूकंप के बाद करीब 50 हजार लोग अब तक लापता हैं. इस तबाही ने 1700 से ज्यादा लोगों से उनका घर छीन लिया. अब तक 3535 लोगों की मौत हो चुकी है और 16700 लोग घायल हैं. घर, इमारतें और मोहल्ले पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुके हैं. प्राकृतिक आपदा के बीच कुछ चमत्कारी घटनाएं भी सामने आई हैं. 20 घंटे से ज्यादा समय तक कंकड़-पत्थर के मलबे में दबे अपने पिता और दो छोटे भाइयों को सुरक्षित बाहर निकालने में एक बेटा कामयाब रहा. हालांकि उसकी मां का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है. पिता और दो भाइयों को रेस्क्यू करना भी इतना आसान नहीं था.
20 घंटे से फंसे पिता को मलबे से बाहर निकाला
अलजजीरा की खबर के मुताबिक, 26 साल के जीसस तो उम्मीद ही छोड़ चुके थे कि उनका परिवार जिंदा भी हो सकता है. पिता और भाई कहां दबे हैं वे तो ये तक नहीं जानते थे. लेकिन एक दोस्त के जरिए जैसे ही उनको पता चला कि उनके पिता जोसे गार्सिया 7 साल के डिएगो और 12 साल के सैंटियागो के साथ मलबे में दबे हैं. उम्मीद की इस किरण ने उनको जैसे जीने की नई वजह दे दी.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
कभी लोकल फायरफाइटर रह चुके जीसस की उम्मीद फिर जाग उठी. इसमें सबसे ज्यादा काम आया उनका पुराना हेलमेट और जैकेट, जो उसके किसी दोस्त ने संभालकर रखा था. जीसस जब अपार्टमेंट बिल्डिंग के मलबे की तरफ दौड़े तब वे नहीं जानते थे कि उनका परिवार जिंदा बचा भी है या नहीं. उस जगह पर पहुंचने पर उनको एक दोस्त मिला, जो पेशे से फायरफाइटर था. उसने बताया कि तुम्हारे पिता और भाई जिंदा हैं और मलबे में दबे हैं. शुरू में तो जीसस को यकीन ही नहीं हुआ लेकिन पिता की आवाज सुनते ही उनको यकीन हो गया.
पिता और भाई जिंदा हैं इस पर यकीन ही नहीं हुआ
उन्होंने पिता से कहा कि वे उन पर भरोसा रखें और शांत रहें. वह उनको मलबे में दबा नहीं छोड़ेंगे. पेशे से मिकेनिक जोसे को अब तक ये नहीं पता था कि उनका क्या होगा. उनको तो इस बात पर भी यकीन नहीं हो पा रहा था कि वे मलबे में जिंदा हैं. हालांकि किसी भी पल ये मलबा खिसककर उनको कुचल सकता था. दूसरी तरफ जीसस अपने पिता और भाइयों को बाहर निकालने की कोशिश में जुटा था. उसे एक जैकहैमर की जरूरत थी, जिससे मलबे के फर्श को तोड़ सके. कुछ घंटों के इंतजार के बाद अगली सुबह पुलिस की एक स्पेशल टीम बचाव कार्य के लिए जरूरी उपकरणों के साथ वहां पहुंच गई. काफी मशक्कत के बाद जीसस भूकंप के 20 घंटे से ज्यादा समय बाद, 25 जून को दोपहर करीब 3:30 बजे अपने पिता और दो छोटे भाइयों को मलबे से बाहर निकालने में कामयाब रहे.
पिता और भाई को बच गए लेकिन मां लापता
उन्होंने तुरंत अपने दो छोटे भाइयों को अपनी बाहों में भर चूमते हुए कहा कि वे उनसे बहुत प्यार करते हैं. ये पल भावुक कर देने वाला था. हालांकि जीसस का दुख अब भी कम नहीं हुआ था. उनकी मां यानी कि जोसे की पत्नी का अब तक कुछ भी पता नहीं चल सका है. 14 दिन बीत जाने के बाद भी उनका कुछ पता नहीं चल सका है. लेकिन होजे ने उम्मीद नहीं छोड़ी है. उनको यकीन है कि जैसे वह बच गए वैसे उनकी पत्नी भी जिंदा मिल जाएगी.
जोसे का परिवार वेनेज़ुएला के उन अनगिनत लोगों में से एक है, जिनकी जिंदगी इस भूकंप ने बदल दी है.
भूकंप से जमींदोज हो गई 11 मंजिला इमारत
जोसेअपनी पत्नी और बच्चों के साथ 24 जून को भूकंप के समय अपने घर पर थे. वे लोग ऊंची रिटासोल पैलेस बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर एक अपार्टमेंट में रहते थे. कंक्रीट और शीशे से बनी यह ग्यारह मंजिला इमारत ला गुएरा के समुद्र तटीय इलाके में थी. लेकिन भूकंप आते ही एक ही पल में, सब कुछ ढह गया. इमारत गिरते ही जोसे गार्सिया बेसमेंट में दब गए थे. राहत की बात यह है कि उनके बेटे ने उनको बचा लिया. अब उनको पत्नी के मिलने का इंतजार है.
ये भी पढ़ें-वेनेजुएला में भूकंप के मलबे से 8 दिन बाद जिंदा निकला गार्ड, 8 देशों के बचावकर्मियों ने मिलकर बचाया
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं