12वीं क्लास या कॉम्पिटिटिव एग्जाम में कम नंबर आने की वजह से अक्सर अच्छे कॉलेज में दाखिला नहीं मिल पाता है. ऐसे में छात्र काफी निराश हो जाते हैं और प्राइवेट कॉलेजों का रूख करने लग जाते हैं. किसी अच्छी और मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से जुड़े कॉलेज से पढ़ाई करके अपना करियर बनाने का सपना देखते हैं. हालांकि किसी भी कॉलेज में दाखिला लेने से पहले उसकी जांच अच्छे से कर लेनी चाहिए. क्योंकि ऐसे कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज हैं, जो कि फेक होती हैं. ऐसे यूनिवर्सिटीज कम नंबर वाले छात्रों को फंसा लेती है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) समय-समय पर ऐसी फर्जी यूनिवर्सिटीज की लिस्ट जारी करता रहता है. इसलिए दाखिला लेने से पहले अच्छे से चेक कर लें कि जिस कॉलेज में दाखिला लेने जा रहे हैं, वो फेक तो नहीं है.
यूजीसी की वेबसाइट पर चेक करें फर्जी यूनिवर्सिटीज की लिस्ट
यूजीसी ने देशभर की ऐसी 32 फर्जी यूनिवर्सिटीज की लिस्ट जारी की है, जो कि फर्जी हैं. यानी ऐसी यूनिवर्सिटीज से हासिल की जाने वाली डिग्रियों की कोई मान्यता नहीं होती है. अक्सर ऐसी यूनिवर्सिटी उन छात्रों को टारगेट करती हैं, जिन्हें कम नंबरों के चलते एडमिशन नहीं मिल पाता है. ये यूनिवर्सिटी बिना यूजीसी मान्यता वाली होती हैं. यूजीसी ने अपनी वेबसाइट पर Fake Universities की लिस्ट जारी की है. एडमिशन लेने से पहले इस सूची को चेक कर लें. वहीं कुछ फेक यूनिवर्सिटी के नाम इस प्रकार है.
- कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड (दरियागंज)
- यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी
- वोकेशनल यूनिवर्सिटी
- एडीआर-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग
- विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट
- गांधी हिंदी विद्यापीठ (प्रयागराज)
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस ओपन यूनिवर्सिटी (अलीगढ़)
- भारतीय शिक्षा परिषद (लखनऊ)
- महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी (नोएडा)
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन (कोलकाता)
- इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च (कोलकाता).
- राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी (नागपुर)
- क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी (गुंटूर)
- बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया (विशाखापट्टनम)
- ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी (बेंगलुरु)
- ऊषा लच्छूमनन कॉलेज ऑफ एजुकेशन
- झारखंड में दक्षा यूनिवर्सिटी (रांची)
- हरियाणा में मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद)
बता दें कि UGC एक्ट 1956 के तहत देशभर की तमाम यूनिवर्सिटीज को मान्यता दी जाती है. जिन यूनिवर्सिटीज को ये मान्यता मिली होती है, केवल वही डिग्री दे सकती हैं. UGC के बिना मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से अगर कोई छात्र पढ़ाई करता है, तो वहां से मिलने वाली डिग्री केवल कागज का टुकड़ा होती है.
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