लाहौर:
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि अफगान सीमा पर पाक सैनिकों पर नाटो के हवाई हमलों के चलते रिश्तों में तल्खी के बावूजद देश अमेरिका के साथ संबंध पुन: स्थापित करना चाहता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका मानना है कि पुराने सहयोगी के साथ नए संबंध हासिल करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। उनकी यह टिप्पणी इस बात का संकेत करती है कि पाकिस्तान 26 नवम्बर के हवाई हमलों के बाद अमेरिका के साथ संबंधों में कुछ सामान्यता चाहता है लेकिन संबंधों को इस हिसाब से पुन: स्थापित करना चाहता है कि यह पाकिस्तान के लिए अधिक लाभकारी हो। गिलानी ने यह भी कहा कि विद्रोही नेताओं को वार्ता में शामिल करने के लिए देश अफगानिस्तान के साथ काम करने को प्रतिबद्ध है। विद्रोही नेताओं के बारे में माना जाता है कि इनमें से अधिकतर पाकिस्तान की जमीन से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं और उनके इसके सुरक्षाबलों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। अफगानिस्तान के भविष्य पर चर्चा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नेता जर्मनी में बैठक कर रहे हैं। पाकिस्तान ने पाक-अफगान सीमा पर 24 सैनिकों की जान लेने वाले नाटो के हवाई हमलों के चलते वार्ता का बहिष्कार कर दिया था।
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