
वाशिंगटन:
अमेरिका ने अपने नागरिकों को दक्षिण एशिया समेत दुनिया भर में यात्रा के दौरान सावधान रहने की चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दक्षिण एशिया में अल कायदा, तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, अमेरिकी नागरिकों को उच्च स्तरीय चौकसी बनाए रखने और अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए याद दिलाया जाता है। हाल ही में मिली सूचना के अनुसार अल कायदा और उसके सहयोगी संगठन व अन्य आतंकी संगठन यूरोप, एशिया, अफ्रीका और मध्यपूर्व समेत कई क्षेत्रों में अमेरिकी हितों के खिलाफ आतंकी हमले की योजना बना रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में आत्मघाती अभियान, हत्याएं, अपहरण, वाहन अपहरण और बम विस्फोट आदि तरीके अपनाए जा सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि कट्टरपंथी सरकारी और निजी दोनों हितों को अपना निशाना बना सकते हैं और इसके लिए वे पारंपरिक और गैरपारंपरिक दोनों किस्म के हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसके कुछ उदाहरण उच्च स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं, रिहायशी इलाके, बिजनेस कार्यालय, होटल, क्लब, रेस्तरां, पूजाघर, स्कूल, सार्वजनिक इलाके और अन्य पर्यटन स्थल आदि हो सकते हैं। ये जगह अमेरिका के भीतर या विदेश में हो सकती हैं, जहां अमेरिकी नागरिक बड़ी संख्या में जुटते हों।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी सरकार की विदेशी आतंकी संगठनों की सूची में शामिल पश्चिम विरोधी कुछ आतंकी संगठन भारत में सक्रिय हैं। इनमें हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी, हकल उल-मुजाहिद्दीन, इंडियन मुजाहिद्दीन, जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तान का लश्कर-ए-तैयबा शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि आतंकियों ने भारत में ऐसे सार्वजनिक स्थलों को लगातार अपना निशाना बनाया है, जहां पश्चिमी देशों के निवासियों का आना-जाना रहता है। इनमें होटल, ट्रेन, रेलवे स्टेशन, बाजार, सिनेमा, मस्जिद और शहरी इलाकों के रेस्तरां प्रमुख हैं।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, अमेरिकी नागरिकों को उच्च स्तरीय चौकसी बनाए रखने और अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए याद दिलाया जाता है। हाल ही में मिली सूचना के अनुसार अल कायदा और उसके सहयोगी संगठन व अन्य आतंकी संगठन यूरोप, एशिया, अफ्रीका और मध्यपूर्व समेत कई क्षेत्रों में अमेरिकी हितों के खिलाफ आतंकी हमले की योजना बना रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में आत्मघाती अभियान, हत्याएं, अपहरण, वाहन अपहरण और बम विस्फोट आदि तरीके अपनाए जा सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि कट्टरपंथी सरकारी और निजी दोनों हितों को अपना निशाना बना सकते हैं और इसके लिए वे पारंपरिक और गैरपारंपरिक दोनों किस्म के हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसके कुछ उदाहरण उच्च स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं, रिहायशी इलाके, बिजनेस कार्यालय, होटल, क्लब, रेस्तरां, पूजाघर, स्कूल, सार्वजनिक इलाके और अन्य पर्यटन स्थल आदि हो सकते हैं। ये जगह अमेरिका के भीतर या विदेश में हो सकती हैं, जहां अमेरिकी नागरिक बड़ी संख्या में जुटते हों।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी सरकार की विदेशी आतंकी संगठनों की सूची में शामिल पश्चिम विरोधी कुछ आतंकी संगठन भारत में सक्रिय हैं। इनमें हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी, हकल उल-मुजाहिद्दीन, इंडियन मुजाहिद्दीन, जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तान का लश्कर-ए-तैयबा शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि आतंकियों ने भारत में ऐसे सार्वजनिक स्थलों को लगातार अपना निशाना बनाया है, जहां पश्चिमी देशों के निवासियों का आना-जाना रहता है। इनमें होटल, ट्रेन, रेलवे स्टेशन, बाजार, सिनेमा, मस्जिद और शहरी इलाकों के रेस्तरां प्रमुख हैं।
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