- इजरायली लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मछार अब खतरे से बाहर हैं.
- UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने गुरुवार को दुबई में कैप्टन स्मित मछार के परिवार से मुलाकात की.
- पीएम मोदी सहित ट्रंप और नेतन्याहू जैसे नेताओं ने स्मित की बहादुरी की तारीफ की है.
इजरायली लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मछार अब खतरे से बाहर हैं. दुबई से इजरायल जा रहे एक प्लेन में उनके ही को-पायलट ने प्लेन क्रैश करने की कोशिश की थी, मगर स्मित ने उसके ये मंसूबे फेल कर दिए. इस घटना के बाद कैप्टन स्मित को एयरलिफ्ट कर दुबई के एक अस्पताल लाया गया है, जहां वे अपने परिवार के सदस्यों से मिले.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने गुरुवार को दुबई में कैप्टन स्मित मछार के परिवार से मुलाकात की. कैप्टन मछार'फ्लाईदुबई' की फ़्लाइट FZ1073 के भारतीय पायलट हैं. राजदूत ने उन्हें भारत सरकार की ओर से हर तरह के सहयोग और मदद का भरोसा दिलाया है. बुधवार को दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरने वाले इस विमान में 174 लोग सवार थे.
को-पायलट की पहचान इजराइली अधिकारियों ने ओमान के नागरिक के तौर पर की है. प्लेन में स्मित पर को- पायलट ने चाकू से हमला कर जेट को 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14,000 फीट नीचे गिरा दिया. मगर, भारतीय पायलट ने हमलावर का बहादुरी से सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद यात्री मदद के लिए आगे आए, कॉकपिट में घुसे और हमलावर को काबू में कर लिया. हमलावर के काबू में आने के बाद, गंभीर रूप से घायल भारतीय पायलट की हालत को स्थिर करने के लिए जरूरी देखभाल की गई, जब तक कि प्लेन की सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग नहीं हो गई.
पीएम मोदी ने कुछ ऐसे की तारीफ
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी यूपीएससी के 100 साल पूरे होने के मौके पर दिल्ली के भारत मंडपम में पीएम मोदी ने यूपीएससी पर कुछ बोलने से पहले ही घटना का जिक्र करते हुए कहा, "कल (बुधवार) जो एक घटना घटी और भारत के कैप्टन स्मित ने जिस प्रकार से धैर्य, सूझ-बूझ और साहस का परिचय करवाया... स्मित का ये पराक्रम हमें गौरव से भर देता है.पीएम मोदी ने नेतन्याहू के बयान का जिक्र करते हुए कहा, "आज इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा कि एक हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया."पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, "स्मित के पिता भूपेंद्र भाई, उनकी माता गीता बहन और उनकी पत्नी बहन सोनल से आज मेरी बातचीत हुई. आज पूरी दुनिया उन पर गर्व कर रही है."
भारत में कहां के हैं स्मित मच्छार?
मूल रूप से गुजरात के रहने वाले कैप्टन स्मित मछार कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि एक बेहद मंझे हुए सीनियर पायलट हैं.उनके पास बोइंग 737 विमान उड़ाने का 13 साल से भी ज्यादा का लंबा कमर्शियल फ्लाइंग अनुभव है. पिछले चार सालों से वह फ्लाईदुबई एयरलाइन में बतौर कमांडर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इससे पहले उन्होंने गुरुग्राम में विमान उड़ाने की ट्रेनिंग ली और फिर स्पाइसजेट में 10 साल से भी अधिक समय तक सेवाएं दी थीं. आसमान में हजारों घंटे बिताने का यही तजुर्बा और संकट के वक्त तुरंत सही फैसला लेने की उनकी क्षमता उस दिन 180 यात्रियों के लिए जिंदगी की ढाल बन गई.
ट्रंप से लेकर नेतन्याहू तक मछार के हए मुरीद
भारतीय पायलट की इस वीरता का लोहा अब पूरी दुनिया मान रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैप्टन स्मित की सूझबूझ की जमकर तारीफ की और उन्हें एक सच्चा मसीहा बताया. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर इस जांबाज को सैल्यूट करते हुए लिखा कि मैं भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को उनकी असाधारण बहादुरी के लिए सलाम करता हूं. उन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मुकाबला किया और विमान को सुरक्षित बचा लिया. नेतन्याहू ने कहा कि कैप्टन स्मित की वजह से ही इजरायली नागरिकों समेत कुल 180 लोगों की जान बच पाई है.
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