संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में दावा किया कि अमेरिका तकनीक, ऊर्जा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में दुनिया से आगे है. उन्होंने ईरान को लेकर कड़ा संदेश दिया, गाजा युद्ध खत्म कराने का श्रेय अपनी सरकार को दिया और कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आज पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में है. उन्होंने दावा किया कि दुनिया अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सफलता से जलती है और जब बहादुरी दिखाने की बात आती है तो अमेरिका के पास ही जिगरा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ईरान को परमाणु बम बनाने की अनुमति नहीं देगी.
गाजा युद्ध खत्म कराने का दावा
ट्रंप ने अपने भाषण में गाजा का खास तौर से जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पिछली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था, तब गाजा में युद्ध बेहद भीषण रूप ले चुका था, बंधक हमास की सुरंगों में कैद थे और संघर्ष के खत्म होने की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही थी.
उन्होंने दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर हुई बातचीतों से ऐसे कदम उठाए गए जिन्होंने हालात बदल दिए. ट्रंप ने कहा कि कुछ ही सप्ताह बाद गाजा में युद्ध समाप्त हुआ और हजारों लोगों की जान बचाई गई.
उन्होंने यह भी कहा कि सभी बचे हुए बंधकों को, चाहे वे जीवित हों या मृत, वापस लाया गया. इस बयान पर महासभा में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं.
ईरान को सख्त चेतावनी
अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान के मुद्दे पर सबसे तीखा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़नी होंगी, अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हमले बंद करने होंगे और आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देना बंद करना होगा.
ट्रंप ने दुनियाभर के देशों से अपील की कि वे ईरान को पूरी तरह आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के अमेरिकी प्रयासों का साथ दें. उनका कहना था कि ईरानी शासन मजबूत होने की वजह से नहीं, बल्कि कमजोर और हताश होने की वजह से आक्रामक व्यवहार कर रहा है.
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