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हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी की मदद करने सामने आया ब्रिटेन, हवा में ही लड़ाकू विमानों में भर देगा तेल

ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोहियों के सामने सऊदी अरब संकट में दिख रहा है. हूती विद्रोहियों को महत्वपूर्ण बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य पर कंट्रोल मिल गया है. वह सऊदी की राजधानी तक पर हमले कर रहे हैं.

हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी की मदद करने सामने आया ब्रिटेन, हवा में ही लड़ाकू विमानों में भर देगा तेल
हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी की मदद करने सामने आया ब्रिटेन
  • ब्रिटेन ने सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों के हमलों से बचाने के लिए सैन्य सहायता देने पर सहमति जताई है
  • ब्रिटेन के विमान सऊदी के लड़ाकू विमानों को हवा में ईंधन भरने की रक्षात्मक सुविधा प्रदान करेंगे
  • यह मिशन केवल सऊदी के रक्षा विमानों तक सीमित रहेगा और हूतियों पर हमला करने में मदद नहीं करेगा

यमन के हूती विद्रोहियों से लड़ते सऊदी अरब की जो मदद अमेरिका ने नहीं की है, वह ब्रिटेन करने को राजी हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम सऊदी अरब की मदद के लिए सैन्य सहायता देने पर सहमत हो गए हैं. यह मदद ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोहियों के हमलों से निपटने के लिए दी जाएगी. न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के लिए जाते समय पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के प्लेन सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों को हवा में ही फ्यूल भरने की 'रक्षात्मक' सुविधा देंगे.

पीए न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ब्रिटेन का यह मिशन केवल सऊदी अरब के उन विमानों की मदद तक सीमित रहेगा, जो सऊदी को ड्रोन और मिसाइलों के हमलों से बचा रहे हैं. ब्रिटेन हूती विद्रोहियों पर हमला करने के लिए सऊदी अरब के विमानों की मदद नहीं करेगा. यह खास बात है.

वॉयजर टैंकर के जरिए हवा में सऊदी के लड़ाकू विमानों में फ्यूल भरने का काम कुछ ही दिनों में शुरू होने की उम्मीद है. यह मिशन सीमित समय के लिए होगा. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह “कुछ हफ्तों” तक चल सकता है. हवा में फ्यूल भरने का यह मिशन सऊदी अरब में पहले से तैनात ब्रिटेन के स्काई सेबर एयर डिफेंस सिस्टम के अलावा होगा.

संकट में सऊदी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम बर्नहम ने पत्रकारों से कहा कि वह ब्रिटेन और पूरे क्षेत्र के हितों को सुरक्षित करने के लिए कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब पर लगातार हमले हो रहे हैं और आगे भी परेशानी बढ़ने की आशंका है. ऐसे में जरूरी है कि इन रास्तों को खुला रखा जाए. इसी वजह से ब्रिटेन ने सऊदी अरब के इस अनुरोध को स्वीकार किया है.

शनिवार को रियाद पर हूतियों का हमला कई सालों में पहली बार हुआ हमला था, जिसमें सऊदी अरब की राजधानी को निशाना बनाया गया. इसे तनाव बढ़ने की एक बड़ी घटना माना जा रहा है. इस महीने हूती विद्रोहियों ने यमन के उन ज्यादातर इलाकों पर कब्जा होने के बाद, जहां बड़ी आबादी रहती है, देश के पूरे लाल सागर तट पर कब्जा करने के लिए तेजी से हमला शुरू किया. इससे उन्हें महत्वपूर्ण बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य पर कंट्रोल मिल गया.

सऊदी अरब ने 2015 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन की सरकार का समर्थन करने वाले गठबंधन का नेतृत्व किया है. सऊदी अरब के इस युद्ध में शामिल होने से लड़ाई और तेज हो गई. इस युद्ध की वजह से गरीब यमन में दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक पैदा हुआ है.

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