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ट्रंप ने ईरान को केवल 5 दिन की मोहलत दी, बिना समय सीमा के नहीं है सीजफायर- रिपोर्ट

तीन US अधिकारियों ने कहा है कि ट्रंप ईरान को एक सही काउंटरऑफ़र पर एकमत होने के लिए एक लिमिटेड टाइम दे रहे हैं. 

ट्रंप ने ईरान को केवल 5 दिन की मोहलत दी, बिना समय सीमा के नहीं है सीजफायर- रिपोर्ट

US Iran Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर डील की मियाद को बढ़ाया है. उन्होंने कहा है कि जबतक ईरान की ओर से एकमत प्रस्ताव नहीं आ जाता तब तक सीजफायर जारी रहेगी. इसके बाद से कयास लगाए जाने लगे कि अमेरिका और ईरान के बीच अनिश्चितकाल के लिए सीजफायर हो चुका है. लेकिन एक्सियोस की रिपोर्ट में तीन US अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप ईरान को एक सही काउंटरऑफर पर एकमत होने के लिए एक लिमिटेड टाइम दे रहे हैं. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप के फैसले से तेहरान पर असल में एक छोटी डेडलाइन आ गई है और चेतावनी दी गई है कि मौजूदा सीज़फ़ायर एक्सटेंशन अनिश्चितकालीन नहीं रहेगा. इस मामले की जानकारी रखने वाले एक US सूत्र ने एक्सियोस को बताया, "हम ईरानियों को ट्रंप तीन से पांच दिन और सीज़फ़ायर देने को तैयार हैं.लेकिन यह ओपन-एंडेड नहीं होगा."

ट्रंप ने सीजफायर पर क्या कहा?

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा, "ईरान की सरकार की कमर टूट गई है, जो कोई नई बात नहीं है और फील्ड मार्शल असीम मुनीर और पाकिस्तान के प्राइम मिनिस्टर शहबाज शरीफ के कहने पर, हमसे कहा गया है कि हम ईरान देश पर अपना हमला तब तक रोक दें जब तक उनके लीडर और रिप्रेजेंटेटिव एक साथ कोई प्रपोज़ल नहीं ला देते. इसलिए मैंने अपनी मिलिट्री को ब्लॉकेड जारी रखने और बाकी सभी मामलों में तैयार रहने का निर्देश दिया है और इसलिए सीजफायर को तब तक बढ़ाएंगे जब तक उनका प्रपोजल नहीं आ जाता और बातचीत किसी न किसी तरह खत्म नहीं हो जाती."

एक दूसरे पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, "ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं करना चाहता, वे इसे खोलना चाहते हैं ताकि वे हर दिन $500 मिलियन डॉलर कमा सकें (इसलिए, अगर यह बंद हो जाता है तो उन्हें इतना ही नुकसान होगा!). वे सिर्फ इसलिए कह रहे हैं कि वे इसे बंद करना चाहते हैं क्योंकि मैंने इसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, इसलिए वे सिर्फ 'अपनी इज़्जत बचाना' चाहते हैं. चार दिन पहले लोग मेरे पास आए और कहा, "सर, ईरान स्ट्रेट को तुरंत खोलना चाहता है." लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं, तो ईरान के साथ कभी कोई डील नहीं हो सकती, जब तक कि हम उनके बाकी देश को, उनके नेताओं को भी, उड़ा न दें."

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