- अमेरिका ने सोमवार शाम से होर्मुज जलडमरूमध्य में सभी ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू करने का निर्णय लिया है
- यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरानी बंदरगाहों के साथ जुड़े जहाजों पर नाकाबंदी लागू करने की घोषणा की है
- ईरान ने समझौता कुछ ही इंच दूर होने का दावा किया लेकिन अमेरिका के रवैये में बदलाव के कारण वार्ता विफल हुई
US Navy to blockade Strait of Hormuz: इस्लामाबाद में समझौते के लिए बातचीत फेल हो जाने के बाद फिर से अमेरिका और ईरान आमने सामने दिख रहे हैं. मिडिल ईस्ट में फिर से जंग शुरू होने का डर बढ़ गया है. सोमवार, 13 अप्रैल से अमेरिका कुछ ऐसा करने वाला है जिससे एक्टिव वॉर कभी भी फिर से शुरू हो सकता है. अमेरिकी सेना ने कहा है कि वह कुछ ही घंटों में (सोमवार को) होर्मुज जलडमरूमध्य में सभी ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर देगी. पाकिस्तान में शांति वार्ता की गई लेकिन अमेरिका ने आरोप लगाया है कि इस्लामी गणतंत्र ने अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने से इनकार कर दिया है. जबकि दूसरी तरफ ईरानी विदेश मंत्री ने आरोप लगाया है कि इस्लामाबाद में समझौता सिर्फ कुछ इंच दूर था लेकिन फिर अमेरिका ने गोलपोस्ट बदलना शुरू कर दिया.
अमेरिकी सेना ने क्या कहा?
यूएस सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा, "अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी पर सभी ईरानी बंदरगाहों सहित ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले या प्रस्थान करने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ नाकाबंदी को निष्पक्ष रूप से लागू किया जाएगा." उन्होंने कहा कि यह सोमवार को भारतीय समयानुसार शाम के 7.30 बजे शुरू होगा. बयान में कहा गया है कि अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य से गैर-ईरानी बंदरगाहों तक आने-जाने वाले जहाजों को नहीं रोकेगी और नाविकों के लिए आगे निर्देश जारी किए जाएंगे.
होर्मुज के नाकेबंदी की पहले घोषणा ट्रंप ने की थी. एक लंबे सोशल मीडिया पोस्ट में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका लक्ष्य होर्मुज में लगी माइंस को साफ करना और इसे सभी शिपिंग के लिए फिर से खोलना है, लेकिन ईरान को जलमार्ग को नियंत्रित करने से लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. ट्रंप ने कहा, "तुरंत प्रभावी, अमेरिका की नौसेना, दुनिया की सबसे बेहतरीन, होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने या छोड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी और सभी जहाजों को रोकने की प्रक्रिया शुरू करेगी... कोई भी ईरानी जो हम पर या शांतिपूर्ण जहाजों पर गोली चलाएगा, उसे उड़ा दिया जाएगा!"
अमेरिकी सेना ने शनिवार को कहा कि नौसेना के दो युद्धपोत होर्मुज से माइंस को साफ करने के लिए गुजरे थे और यह सुनिश्चित किया था कि यह टैंकरों के लिए एक "सुरक्षित मार्ग" है, हालांकि तेहरान ने इस दावे का खंडन किया है. ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने रविवार को बताया कि जलडमरूमध्य की ओर जा रहे दो पाकिस्तानी ध्वज वाले तेल टैंकर वापस लौट आए हैं.
'समझौता बस इंच दूर था'- ईरान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि तेहरान वाशिंगटन के साथ समझौते से सिर्फ "इंच दूर" था, लेकिन उसे "अतिवाद, बदलते गोलपोस्ट और नाकाबंदी" का सामना करना पड़ा. इस्लामाबाद वार्ता की विफलता से यह आशंका बढ़ जाएगी कि नए सिरे से लड़ाई शुरू होने से तेल-गैस की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं और शिपिंग और तेल और गैस सुविधाओं को और नुकसान हो सकता है.
सोमवार को व्यापार शुरू होने के कुछ ही समय बाद, मई डिलीवरी के लिए वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का एक बैरल लगभग आठ प्रतिशत बढ़कर 104.50 डॉलर हो गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट की जून डिलीवरी सात प्रतिशत बढ़कर 102 डॉलर हो गई.
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