- अमेरिकी चुनाव में भारतीय समुदाय की बढ़ती राजनीतिक ताकत
- फ्लोरिडा, वर्जीनिया और मैरीलैंड से भारतीय मूल के उम्मीदवारों की जीत
- रामास्वामी पिछड़े, लेकिन कई भारतीय उम्मीदवारों की जीत ने बटोरी सुर्खियां
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (US Midterm Elections 2026) में भारतीय मूल के नेताओं ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया है. जहां डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े कई भारतीय-अमेरिकी नेताओं ने जीत दर्ज की या बढ़त बनाई, वहीं कुछ प्रमुख उम्मीदवारों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा. जहां एक ओर वर्जीनिया से सांसद सुहास सुब्रमण्यम और मैरीलैंड की डिप्टी गवर्नर अरुणा मिलर ने दोबारा जीत हासिल कर अपना लोहा मनवाया है. वहीं दूसरी ओर फ्लोरिडा में पिया दांडिया ने कांग्रेस सीट जीतकर नया इतिहास रचा, इन सबके बीच ओहियो में विवेक रामास्वामी कड़े मुकाबले में पीछे चल रहे हैं.
फ्लोरिडा में पिया दांडिया की ऐताहासिक जीत
फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया दांडिया ने रिपब्लिकन कैंडिडेट केसी असकर को हराकर जीत दर्ज की. शुरुआत से लेकर अंतिम परिणाम आने तक दांडिया की बढ़त बनी रही. लगभग 97 प्रतिशत से अधिक वोटों की गिनती के बाद दांडिया को करीब 52 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को लगभग 48 प्रतिशत मत प्राप्त हुए. 2.92 लाख से अधिक वोटों की गिनती की गई.
डेमोक्रेटिक कांग्रेसनल कैंपेन कमेटी ने कहा कि दांडिया ने महंगाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था.
सुहास सुब्रमण्यम को मिला दूसरा कार्यकाल
वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से भारतीय मूल के डेमोक्रेट सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने दोबारा जीत हासिल की है. काउंटिंग के दौरान उन्हें 61 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ काफी पीछे रहे. सुब्रमण्यम 2024 में वर्जीनिया से अमेरिकी संसद पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बने थे. इस जीत के बाद उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म हो गया है, लेकिन अब वाशिंगटन में बदलाव लाने का काम शुरू होगा.
मैरीलैंड में अरुणा मिलर की वापसी
बात करें मैरीलैंड की तो वहां अरुणा मिलर ने अपनी राजनीतिक स्थिति बरकरार रखी. डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर के दोबारा चुने जाने के साथ ही अरुणा ने डिप्टी गवर्नर पद पर वापसी की. उनकी जीत को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि वह अमेरिका के शीर्ष राज्य प्रशासनिक पदों में से एक पर बनी रहेंगी.
ओहियो में विवेक रामास्वामी पीछे
ओहियो के गवर्नर पद के चुनाव में ट्रंप समर्थित भारतीय मूल के रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को शुरुआती मतगणना में झटका लगा. डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन उनसे आगे चल रही थीं. मतगणना के एक चरण में एक्टन को 54 प्रतिशत से अधिक और रामास्वामी को करीब 43 प्रतिशत वोट मिले थे. इससे पहले शुरुआती रुझानों में यह अंतर और बड़ा दिख रहा था. बायोटेक उद्यमी और रिपब्लिकन पार्टी के पूर्व राष्ट्रपति पद के दावेदार रहे रामास्वामी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल है. हालांकि मुकाबला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था और आगे के परिणामों पर सबकी नजर बनी हुई थी.
अन्य भारतीय मूल के उम्मीदवारों की ऐसी रही स्थिति
मैसाचुसेट्स में डेमोक्रेटिक सीनेटर एड मार्की ने फिर जीत दर्ज की. इसके साथ ही भारतीय मूल के निर्दलीय उम्मीदवार शिवा अय्यादुरई को हार का सामना करना पड़ा. उत्तरी कैरोलिना के चौथे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में रिपब्लिकन उम्मीदवार महेश "मैक्स" गणोरकर को डेमोक्रेटिक सांसद वैलेरी फाउशी से हार मिली. जॉर्जिया के हाउस डिस्ट्रिक्ट-97 में भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ज्योत सिंह रिपब्लिकन प्रत्याशी यासीन मोगाजी से बढ़त बनाए हुए थे. वहीं टेक्सास में पूजा सेठी, न्यूयॉर्क में सरिता कोमाटिरेड्डी और एरिजोना में अमीष शाह जैसे भारतीय मूल के उम्मीदवारों के नतीजों का इंतजार जारी रहा.
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