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250 दिन से समंदर में अमेरिकी सैनिक... सुसाइड की कोशिशों के बीच अब ईरान के पास भेजा जाएगा नया युद्धपोत

US Iran War: अमेरिका का जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन पिछले 9 महीने से समुद्र में है, 250 दिनों से अमेरिका के इन सैनिकों ने जमीन पर कदम नहीं रखा है.

250 दिन से समंदर में अमेरिकी सैनिक... सुसाइड की कोशिशों के बीच अब ईरान के पास भेजा जाएगा नया युद्धपोत
USS Abraham Lincoln अमेरिका का जंगी जहाज है और लगातार 9 महीने से समंदर में तैनात है (फोटो- एएफफी)
  • अमेरिका का यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक युद्धपोत पिछले 250 दिनों से समुद्र में तैनात है
  • जहाज पर तैनात पांच हजार सैनिकों की मानसिक स्थिति खराब हो गई है, कई ने आत्महत्या की कोशिश भी की है
  • अब यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह मिडिल ईस्ट में तैनात करने की तैयारी चल रही है

ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका के सबसे अहम युद्धपोतों में शामिल यूएसएस अब्राहम लिंकन 250 दिनों से ज्यादा समय से समुद्र में तैनात है. इस दौरान उसे लगभग 200 दिनों से किसी बंदरगाह पर रुकने का मौका नहीं मिला. इसपर तैनात 5000 सैनिकों की मानसिक हालत खराब है, इनमें से कई ने समंदर में कूदकर जान देने तक की कोशिश की है. ऐसे में अब अमेरिका इस फाइटर जेट को ले जाने में सक्षम जंगी जहाज की जगह यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रहा है.

थक चुके सैनिकों को मिलेगी राहत

वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि अमेरिका यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन विमानवाहक पोत को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रहा है. यह पहले से तय रोटेशन प्लान के तहत यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा. लिंकन लंबे समय से तैनात है और इस दौरान बहुत कम बंदरगाहों पर गया है. इसे लेकर अमेरिकी सांसदों ने जहाज पर सैनिकों की रहने की स्थिति को लेकर चिंता जताई है.

यूएसएस अब्राहम लिंकन की तय तैनाती नवंबर में शुरू हुई थी. जनवरी में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने से पहले इसे मिडिल ईस्ट भेज दिया गया था. इस युद्धपोत और इस पर मौजूद लड़ाकू विमानों ने अमेरिका के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान पर की गई बमबारी में बड़ी भूमिका निभाई. इसके बाद से यह जहाज ईरान के बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी में भी शामिल रहा है.

लगातार तेज गति से चल रहे सैन्य अभियानों और इतने लंबे समय तक समुद्र में रहने का असर जहाज पर तैनात सैनिकों पर पड़ा है. मिलिट्री टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर कई सैनिकों ने आत्महत्या की कोशिश की है. लंबी तैनाती के मानसिक तनाव के साथ-साथ जहाज की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं. कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद माइक लेविन ने एक्स पर बताया कि जहाज पर सैनिक किन हालात का सामना कर रहे हैं. उनकी लिस्ट में “फफूंद लगे शॉवर, खराब टॉयलेट, कई हफ्तों से बंद लॉन्ड्री मशीनें, लंबे समय तक गर्म पानी नहीं मिलना और ऐसा खाना जिसमें आधा कप चावल और दो टॉर्टिला ही थे” शामिल थे.

उन्होंने यह भी कहा कि जहाज पर साबुन, डियोड्रेंट और टूथपेस्ट तक नहीं था. अप्रैल में जहाज पर मिलने वाले खराब और कम क्वांटिटी वाले खाने की तस्वीरें सामने आई थीं. इसके अलावा पानी की कमी, फफूंद लगे शॉवर और खराब लॉन्ड्री मशीनों की शिकायतें भी सामने आई थीं. अमेरिकी सांसदों का कहना है कि वे पेंटागन से जहाज पर सैनिकों की रहने की स्थिति और वहां मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की खबरों के बारे में ज्यादा जानकारी मांग रहे हैं.

कनेक्टिकट से डेमोक्रेट सांसद रिचर्ड ब्लूमेंथल के मुताबिक, यूएसएस अब्राहम लिंकन 250 दिनों से ज्यादा समय से तैनात है और पिछले 200 दिनों से किसी बंदरगाह पर नहीं रुका है. यह लगातार इतने दिनों तक समुद्र में रहने का एक रिकॉर्ड है. ब्लूमेंथल ने इस मामले में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और कार्यवाहक नौसेना मंत्री हंग काओ को पत्र लिखकर चिंता जताई है.

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