विज्ञापन

इंस्टा और यूट्यूब बच्चों को लगा रहे लत, कोर्ट ने दो फैसलों में लगाया 3530 करोड़ का जुर्माना

Landmark Social Media Addiction Verdict: मेटा और यूट्यूब अपने प्लेटफॉर्म के नशे की तरह लत लगाने वाले डिजाइन के कारण केसी नाम की एक युवा महिला को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार हैं- कोर्ट का फैसला

इंस्टा और यूट्यूब बच्चों को लगा रहे लत, कोर्ट ने दो फैसलों में लगाया 3530 करोड़ का जुर्माना
मेटा और यूट्यूब प्लेटफॉर्म में नशे की तरह लत लगाने वाले डिजाइन- कोर्ट
  • कैलिफोर्निया की अदालत ने मेटा और यूट्यूब को लत लगाने वाले डिजाइन से केसी को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया है
  • अदालत ने मेटा और यूट्यूब को कुल तीस लाख डॉलर का जुर्माना देने का आदेश दिया है
  • इससे पहले न्यू मैक्सिको की अदालत ने मेटा पर 3500 करोड़ का जुर्माना लगाया था
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ अमेरिका की अदालत में एक बड़ा फैसला आ गया है. कैलिफोर्निया की एक अदलात ने बुधवार, 25 मार्च को फैसला दिया कि मेटा और यूट्यूब अपने प्लेटफॉर्म के नशे की तरह लत लगाने वाले डिजाइन के कारण केसी नाम की एक युवा महिला को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार हैं. मेटा फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी है. अदलात की जूरी ने दोनों कंपनियों को 30 लाख डॉलर देने का आदेश दिया और इससे भविष्य में इससे भी बड़े दंडात्मक जुर्माने लगाए जाने का रास्ता खुल गया है.

अदालत का यह फैसला हजार से ज्यादा इसी तरह के लंबित मामलों में शिकायत करने वाले लोगों को मजबूत स्थिति देता है और पूरी टेक इंडस्ट्री को बड़ा संकेत देता है- संकेत यह है कि अब अदालतें सोशल मीडिया कंपनियों को उनके लत लगने वाले डिजाइन के कारण होने वाले मानसिक स्वास्थ्य नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराने के लिए तैयार हैं. इससे पहले इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका के न्यू मैक्सिको में एक अलग जूरी ने मेटा को फेसबुक और इंस्टाग्राम के नाबालिग यूजर्स को खतरे में डालने के लिए जिम्मेदार पाया था और 3500 करोड़ का जुर्माना लगाया था.

नोट- अमेरिकी कोर्ट में 'जूरी' आम नागरिकों का एक समूह होता है, जिन्हें आपराधिक या दीवानी मुकदमों में सबूतों के आधार पर निष्पक्ष फैसला सुनाने के लिए रैंडमली चुना जाता है. वे जज के साथ मिलकर न्याय प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं.

केस करने वाली केली की कहानी

इस केस के सेंटर में केली है जिसने छह साल की उम्र में यूट्यूब इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था. उसने अपने आईपॉड टच पर यह ऐप डाउनलोड किया था ताकि वह लिप ग्लॉस और एक ऑनलाइन बच्चों के गेम से जुड़े वीडियो देख सके. नौ साल की उम्र में वह इंस्टाग्राम से जुड़ गई, जबकि उसकी मां ने उसे इस प्लेटफॉर्म से दूर रखने के लिए ब्लॉक लगा रखा था, जिसे उसने किसी तरह पार कर लिया. केली ने जूरी को बताया कि सोशल मीडिया का लगभग लगातार इस्तेमाल करने से “मेरे आत्मसम्मान पर बहुत असर पड़ा.” उसने कहा कि इन ऐप्स की वजह से उसने अपने शौक छोड़ दिए, दोस्त बनाने में मुश्किल होने लगी और वह खुद की तुलना हमेशा दूसरों से करने लगी.

अंतिम दलीलों में केली के वकील मार्क लैनियर ने इस मामले को कॉर्पोरेट लालच की कहानी बताया. उन्होंने कहा कि बिना रुके स्क्रोलिंग, अपने आप चलने वाले वीडियो (ऑटोप्ले), लगातार आने वाले नोटिफिकेशन और लाइक की गिनती जैसे फीचर इस तरह बनाए गए हैं कि वे खासकर युवाओं में लगातार और मजबूरी जैसी आदत पैदा करें.

जबकि मेटा और यूट्यूब पूरे मामले के दौरान यह कहते रहे कि केली की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का उनके प्लेटफॉर्म से कोई संबंध नहीं है.

यह भी पढ़ें: Meta पर 3500 करोड़ का जुर्माना, बच्चों के लिए हानिकारक FB और Instagram

अमेरिका के कोर्ट ने क्या पाया?

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार जूरी ने दोनों कंपनियों के लिए फैसले के फॉर्म में पूछे गए सभी सात सवालों का जवाब “हां” में दिया. जूरी ने पाया कि मेटा और यूट्यूब ने अपने प्लेटफॉर्म के डिजाइन और संचालन में लापरवाही की और उनकी यह लापरवाही केस करने वाली लड़की को हुए नुकसान का एक बड़ा कारण बनी. जूरी ने यह भी पाया कि दोनों कंपनियों को पता था या पता होना चाहिए था कि उनकी सर्विसेज नाबालिगों के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं. इसके बावजूद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले यूजर्स को इस खतरे के बारे में पर्याप्त चेतावनी नहीं दी, जबकि एक जिम्मेदार प्लेटफॉर्म ऐसा करता.

वादी के वकीलों ने एक बयान में कहा, “अब जवाबदेही का समय आ गया है.” 

जूरी ने यह भी पाया कि दोनों कंपनियों ने दुर्भावना, दमन या धोखाधड़ी के साथ काम किया. इस निष्कर्ष के कारण अलग से दंडात्मक हर्जाने (प्यूनिटिव डैमेज) तय करने का रास्ता खुल गया, जिस पर वकीलों ने फैसले के बाद अदालत में बहस की. जूरी ने वादी को हुए नुकसान की जिम्मेदारी में मेटा को 70 प्रतिशत जिम्मेदार ठहराया यानी 21 लाख डॉलर मेटा देगी. जबकि यूट्यूब को बाकी 30 प्रतिशत यानी 9 लाख डॉलर का भुगतान करना होगा.

फैसले पर मेटा और यूट्यूब की प्रतिक्रिया

इसी लॉस एंजेलिस अदालत में ऐसे दो और महत्वपूर्ण परीक्षण (ट्रायल) होने की उम्मीद है. उनके नतीजे यह तय कर सकते हैं कि सोशल मीडिया कंपनियां इन मामलों में लड़ाई जारी रखेंगी या फिर किसी बड़े समझौते की ओर बढ़ेंगी- जिसमें यह भी शामिल हो सकता है कि वे अपने प्लेटफॉर्म के काम करने के तरीके को बदलें.

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार मेटा और यूट्यूब, दोनों ने बयान जारी करके कहा है कि वे इस फैसले से सहमत नहीं है और वे इसे चुनौती देंगे, उन्होंने इसके खिलाफ अपील भी कर दी है.

यह भी पढ़ें: Instagram जानबूझकर बच्चों में लत लगा रहा? अमेरिका की अदालत में जुकरबर्ग से तीखे सवाल, झुंझला गए मेटा CEO

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com