US-Israel and Iran War Live Updates: ईरान में जारी जंग को एक महीना हो गया है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया था. इसके बाद से सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट में संकट खड़ा हो गया है. ये जंग अब और खतरनाक होती जा रही है. ईरान में अमेरिका ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है. वहीं, ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों की भी इस जंग में एंट्री हो गई है. हूतियों ने इजरायली ठिकानों पर मिसाइल हमला करने का दावा किया है.
महीनेभर की जंग में क्या-क्या हुआ?
- 28 फरवरी को शुरुआत: अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया. इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. खामेनेई के अलावा इस जंग में ईरान के 40 से ज्यादा टॉप लीडर और कमांडर मारे जा चुके हैं.
- ईरान का पलटवार: खामेनेई की मौत का बदला लेते हुए ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और कतर समेत कई खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया. मिडिल ईस्ट में ईरानी हमलों में अब तक 20 लोगों के मारे जाने की खबर है.
- होर्मुज स्ट्रेट बंद: ईरान जंग शुरू होने के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद है. यहां से दुनिया का 20% कच्चा तेल सप्लाई होता है. हालांकि, ईरान का कहना है कि भारत समेत मित्र देशों के जहाज यहां से गुजर सकते हैं. पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके 20 जहाजों को यहां से गुजरने की इजाजत मिल गई है.
- हूती विद्रोहियों की एंट्री: ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों की इस जंग में एंट्री हो गई है. हूती विद्रोहियों ने इजरायली सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला करने का दावा किया है. हूती विद्रोहियों के इस जंग में आने से होर्मुज स्ट्रेट के बाद अब बाब अल-मंडेब स्ट्रेट पर भी खतरा मंडरा गया है.
- ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी: अमेरिका की 3,500 मरीन मिडिल ईस्ट पहुंच गए हैं. यहां पहले से ही 50 हजार अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं. 20 सालों में पहली बार मिडिल ईस्ट में अमेरिका की इतनी बड़ी सैन्य तैनाती है. इसी बीच अमेरिका अब ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है.
ईरान के होर्मोजगान पांच लोगों की मौत: रिपोर्ट
फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मोजगान प्रांत के बंदर-ए-खमीर शहर में एक घाट पर US-इजरायल के हमले में पांच लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए. एजेंसी ने बताया कि इस हमले में दो जहाज और एक वाहन को निशाना बनाया गया.
US-Israel-Iran War: जंग के खतरनाक 30 दिन
'US-इजरायली यूनिवर्सिटी पर करेंगे हमले...': IRGC
— NDTV India (@ndtvindia) March 29, 2026
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Iran War: जंग को लेकर ईरान में बढ़ी तकरार?
सूत्रों ने ईरान इंटरनेशनल को बताया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और IRGC के चीफ कमांडर अहमद वाहिदी के बीच युद्ध और अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर मतभेद सामने आए हैं. सूत्रों ने बताया कि पेजेश्कियान ने बढ़ते तनाव और पड़ोसी देशों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर IRGC के रवैये की आलोचना की है और इस स्थिति के आर्थिक नतीजों के बारे में चेतावनी दी है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिना सीजफायर के ईरान की अर्थव्यवस्था महीनेभर के भीतर पूरी तरह तबाह हो सकती है. पेजेश्कियान ने सारी शक्तियां सरकार को सौंपने की मांग की है, जिसे वाहिदी ने खारिज कर दिया है.
US-Iran War: युद्ध पर क्या बोले जेडी वेंस?
युद्ध को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया हमने अपने सभी लक्ष्य हासिल कर लिए हैं. राष्ट्रपति ट्रंप कुछ और समय के लिए इस पर काम करते रहेंगे ताकि यह सुनिश्चित कर सकें कि जब हम वहां से निकलें त हमें बहुत लंबे समय तक दोबारा ऐसा न करना पड़े.
Iran War: ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा अमेरिका
अमेरिका, ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है. 3,500 मरीन सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंच गए हैं. वहां पहले से ही 50 हजार सैनिक तैनात हैं. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है. हालांकि, यह फुल स्केल वॉर नहीं होगा.
U.S. Sailors and Marines aboard USS Tripoli (LHA 7) arrived in the U.S. Central Command area of responsibility, March 27. The America-class amphibious assault ship serves as the flagship for the Tripoli Amphibious Ready Group / 31st Marine Expeditionary Unit composed of about… pic.twitter.com/JFWiPBbkd2
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 28, 2026