- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अमेरिका के सहयोगी देश ओमान पर भी हमला करने की धमकी दी
- ट्रंप ने कहा कि ओमान को ठीक से व्यवहार करना होगा, नहीं तो वह उसे उड़ा देंगे
- उनसे पूछा गया कि क्या वह उस समझौते को मानेंगे जिसके अनुसार ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज को कंट्रोल करेंगे
क्या अमेरिकी मिसाइलों से उसके दोस्त देश भी सुरक्षित नहीं हैं? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अमेरिका के सहयोगी देश ओमान पर भी हमला करने की धमकी दी है. ट्रंप ने कहा कि ओमान को ठीक से व्यवहार करना होगा, नहीं तो वह उसे उड़ा देंगे. यह बात उन्होंने तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या वह एक छोटे समय के समझौते को मानेंगे, जिसमें ईरान और खाड़ी देश ओमान मिलकर होर्मुज के समुद्री रास्ते को नियंत्रित करें.
व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान पत्रकारों से ट्रंप ने कहा कि नहीं, यह जलडमरूमध्य सबके लिए खुला रहेगा. उन्होंने आगे कहा, "यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र है और ओमान बाकी सबकी तरह व्यवहार करेगा, नहीं तो हमें उन्हें उड़ा देना पड़ेगा. वे यह समझते हैं, सब ठीक रहेगा.”
ट्रंप ने गलती में बोली यह बात? लग नहीं रहा
न्यूज एजेंसी एएफपी ने व्हाइट हाउस से पूछा कि क्या ट्रंप से बोलने में गलती हुई थी और क्या वह ओमान की जगह ईरान कहना चाहते थे. लेकिन व्हाइट हाउस ने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया. बता दें कि ओमान अमेरिका का एक अहम सहयोगी देश है. उसने मिडिल ईस्ट युद्ध में बीच-बचाव कराने की कोशिश की है और खुद भी तेहरान की तरफ से हमलों का सामना कर चुका है.
79 साल के ट्रंप इससे पहले भी शायद ईरान और वेनेजुएला को लेकर गड़बड़ी कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला- जिसके नेता निकोलस मादुरो को जनवरी में अमेरिकी बलों ने हटा दिया था- “अब उसके पास न नौसेना है और न वायुसेना.” ट्रंप पहले भी इसी तरह की भाषा ईरान के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं, जिस पर अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी को हमला किया था.
क्या ईरान ओमान के साथ मिलकर कंट्रोल करना चाहता है होर्मुज?
ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में नया सिस्टम लागू करना चाहता है. इसी रास्ते से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है. ईरान चाहता है कि वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल लिया जाए और उसकी कमाई ओमान के साथ बांटी जाए. ट्रंप अब काफी नाराज दिख रहे हैं क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की बातचीत फिर अटकती नजर आ रही है. जबकि कुछ दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि समझौता बहुत करीब है. ट्रंप की सेना ने सीजफायर के बीच ईरान पर दो बार हमला करके और ईरान ने जवाबी हमला करके स्थिति को और मुश्किल बना दिया है.
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