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ईरान ने बदला अपना ‘सिक्योरिटी बॉस’, जिसे मिला कमान उसने कहा था- दर्जनों परमाणु बम पर भारी है होर्मुज

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाकर जोलघद्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अब उनकी जगह IRGC के पूर्व कमांडर मोसेन रेजाई ने ली है.

ईरान ने बदला अपना ‘सिक्योरिटी बॉस’, जिसे मिला कमान उसने कहा था- दर्जनों परमाणु बम पर भारी है होर्मुज
मोसेन रेजाई को ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव बनाया गया
  • ईरान ने मोसेन रेजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव नियुक्त किया है
  • मोसेन रेजाई रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व कमांडर हैं, ईरान-इराक युद्ध के दौरान सेना का नेतृत्व किया था
  • पूर्व सचिव मोहम्मद बाकर जोलघद्र को अब खामेनेई का राजनीतिक सलाहकार बनाया गया है

ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंगी तनाव के बीच तेहरान ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की कमान एक ऐसे शख्स को सौंपी है, जिसका नाम ईरान की सैन्य और राजनीतिक ताकत के साथ लंबे समय से जुड़ा रहा है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व कमांडर मोसेन रेजाई को ईरान की सबसे बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा संस्था का प्रमुख बनाया गया है. यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका में टकराव जारी है, दोनों पीछे नहीं हट रहे हैं.

कौन हैं मोसेन रेजाई?

ईरानी राष्ट्रपति के ऑफिस ने रविवार को बताया कि राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव के पद पर मोसेन रेजाई की नियुक्ति की है. राष्ट्रपति ऑफिस के प्रवक्ता मेहदी तबाताबाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि काउंसिल के पूर्व सचिव मोहम्मद बाकर जोलघद्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्हें अब नई जिम्मेदारी दी गई है और उनकी जगह रेजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की कमान सौंपी गई है.

न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार 71 साल के मोसेन रेजाई ईरान के बेहद अनुभवी सैन्य और राजनीतिक चेहरों में गिने जाते हैं. उन्होंने 1981 से 1997 तक ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का नेतृत्व किया था. उनका यह कार्यकाल ईरान-इराक युद्ध के लगभग पूरे दौर में रहा.

युद्ध के बाद रेजाई ने राजनीति में भी ऊंचे पद संभाले और ईरान की सत्ता व्यवस्था में अपनी मजबूत जगह बनाई. बाद में वह ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार भी रहे. अब राष्ट्रीय सुरक्षा की सबसे अहम संस्था की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनका प्रभाव और बढ़ गया है.

होर्मुज को घेरकर रखेंगे रेजाई

रेजाई ने इसी साल जुलाई में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बेहद बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि होर्मुज पर कंट्रोल होना दर्जनों परमाणु बमों से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष में यह समुद्री रास्ता फिलहाल सबसे अहम मुद्दों में से एक बना हुआ है. रेजाई से पहले इस पद पर मोहम्मद बाकर जोलघद्र थे. वह भी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व कमांडर रह चुके हैं और उन्होंने मार्च में ही सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की कमान संभाली थी. अब उन्हें खामेनेई का राजनीतिक सलाहकार बनाया जाएगा. इसकी जानकारी रविवार को सुप्रीम लीडर के ऑफिस की ओर से जारी बयान में दी गई.

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