US Iran War: दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान पर से हट ही नहीं रही हैं. कभी युद्ध की धमकी, कभी शांति की बात- दोनों देशों के बीच माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि अब फैसला बेहद करीब है, या तो समझौता होगा या फिर दोबारा हमला शुरू हो सकता है. वहीं ईरान ने बुधवार को कहा कि वह युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका की ओर से आए नए ऑफर की जांच कर रहा है.
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने पहले कहा कि ईरान के साथ बातचीत “अंतिम चरण” में है. बाद में उन्होंने चेतावनी दी कि कूटनीति का रास्ता बहुत जल्दी बंद हो सकता है. वॉशिंगटन के पास जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “मामला बिल्कुल आखिरी मोड़ पर है. अगर हमें सही जवाब नहीं मिले तो हालात बहुत तेजी से बदलेंगे. हम पूरी तरह तैयार हैं.” उन्होंने कहा कि समझौता “बहुत जल्दी” या “कुछ दिनों में” हो सकता है, लेकिन इसके लिए तेहरान को “100 प्रतिशत सही जवाब” देने होंगे.
ईरान ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान को “अमेरिकी पक्ष के विचार” मिल गए हैं और उनकी जांच की जा रही है. यानी जंग खत्म करने के समझौते के लिए अमेरिका ने जो ऑफर दिया है, उसपर विचार किया जा रहा है. उन्होंने फिर दोहराया कि ईरान चाहता है कि उसके फ्रीज हुए विदेशी फंड जारी किए जाएं और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी खत्म हो.
आर्थिक दबाव बढ़ा
अमेरिका में बढ़ती गैस और तेल की कीमतों की वजह से डोनाल्ड ट्रंप पर घरेलू राजनीतिक दबाव भी बढ़ रहा है. सीजफायर के बाद लड़ाई तो रुकी है, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह नहीं खुला है. यह दुनिया का बेहद अहम समुद्री रास्ता है, जहां से आम तौर पर दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस गुजरती है.
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नौसेना ने कहा कि उसने पिछले 24 घंटों में 26 जहाजों को सुरक्षा देने के बाद होर्मुज से गुजरने दिया. इसमें तेल टैंकर भी शामिल थे. दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर जवाबी नाकेबंदी लगा रखी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने कहा कि बुधवार को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैनिकों ने ईरानी झंडे वाले एक तेल टैंकर की जांच की. शक था कि वह प्रतिबंधों का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहा था. अमेरिका के सैनिक हेलीकॉप्टर से इसपर चढ़ गए. CENTCOM ने कहा कि तलाशी के बाद जहाज को छोड़ दिया गया और उसे रास्ता बदलने का आदेश दिया गया. उसने यह भी बताया कि नाकेबंदी शुरू होने के बाद अमेरिकी सेना 91 व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदलवा चुकी है.
Earlier today in the Gulf of Oman, U.S. Marines from the 31st Marine Expeditionary Unit boarded M/T Celestial Sea, an Iranian-flagged commercial oil tanker suspected of attempting to violate the U.S. blockade by transiting toward an Iranian port. American forces released the… pic.twitter.com/1AVT0MudKY
— U.S. Central Command (@CENTCOM) May 20, 2026
होर्मुज का भविष्य अब बातचीत में सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है. डर है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो दुनिया की अर्थव्यवस्था पर और ज्यादा असर पड़ेगा क्योंकि युद्ध से पहले जमा किया गया तेल धीरे-धीरे खत्म हो रहा है. होर्मुज से दुनिया की करीब एक-तिहाई खाद की सप्लाई भी गुजरती है. इसलिए आशंका बढ़ रही है कि अगर यह रास्ता ज्यादा समय तक बंद रहा तो दुनिया में खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं और कमी भी हो सकती है.
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