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अमेरिका-इजरायल के निशाने पर हैं ईरान के ये 5 चेहरे- जंग के पहले ही दिन 4 पर हुआ हमला, 2 को मार भी गिराया

US-Israel Attack Iran: जंग के बीच ईरान की सत्ता और सैन्य ढांचे के पांच बड़े चेहरे अब वैश्विक चर्चा के केंद्र में हैं. ये वही नाम हैं जिन्हें रणनीतिक रूप से सबसे अहम माना जाता है. इनमें 4 को हमले के पहले ही दिन अमेरिका-इजरायल ने निशाना बनाया है.

अमेरिका-इजरायल के निशाने पर हैं ईरान के ये 5 चेहरे- जंग के पहले ही दिन 4 पर हुआ हमला, 2 को मार भी गिराया
US-Israel Attack Iran: अमेरिका-इजरायल के निशाने पर हैं ईरान के ये 5 चेहरे
  • ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई सैन्य, परमाणु और क्षेत्रीय रणनीति के अंतिम निर्णयकर्ता हैं
  • हमले में राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली शामखानी और रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह समेत कई टॉप अधिकारी मारे गए
  • राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन युद्धकालीन राजनीतिक और कूटनीतिक फैसलों में अहम भूमिका निभाते हैं , वो भी निशाने पर
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मिडिल ईस्ट की जमीन एक बार फिर जंग की आग में झुलस रही है. अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया है. ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है. इजरायल का कहना है कि उसके हमले में ईरानी सरकार के "कई सीनियर लोगों" को "समाप्त" कर दिया गया है. वहीं ईरान की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका-ईरान की ओर से गिराए गए मिसाइल से लड़कियों के स्कूल में कम से कम 53 लोग मारे गए हैं. ऐसे में मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान की सत्ता और सैन्य ढांचे के पांच बड़े चेहरे अब वैश्विक चर्चा के केंद्र में हैं. ये वही नाम हैं जिन्हें रणनीतिक रूप से सबसे अहम माना जाता है. सुप्रीम लीडर से लेकर मिसाइल और प्रॉक्सी नेटवर्क संभालने वाले कमांडरों तक, इनकी भूमिका ईरान की सैन्य नीति तय करती है. आखिर कौन हैं ये चेहरे और क्यों माने जा रहे हैं संभावित निशाने पर?

अयातुल्ला अली खामेनेई

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अयातुल्ला अली खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर हैं और देश की सैन्य, परमाणु और क्षेत्रीय रणनीति पर अंतिम फैसला उन्हीं का होता है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और मध्य पूर्व में सक्रिय प्रॉक्सी समूहों को समर्थन देने की नीति पर उनकी सीधी निगरानी मानी जाती है. अमेरिका और इजरायल के लिए खामेनेई ईरान की कठोर और टकराव वाली नीति का केंद्र हैं. सीधे उन्हें निशाना बनाना बड़े पैमाने पर युद्ध को भड़का सकता है, लेकिन उनकी कमान संरचना को कमजोर करना या उन्हें रणनीतिक रूप से अलग-थलग करना विरोधियों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है. हालांकि इस बार अमेरिका और ईरान ने इस सीमा को भी लांघ दी है और उनके ऑफिस कम्पाउंड को भी निशाना बनाया गया है.

अली शामखानी

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अली शामखानी ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा समन्वय व्यवस्था से जुड़े वरिष्ठ नेता माने जाते हैं और उन्हें कथित तौर पर आज के हमले में मार गिराया गया है. वे उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठकों और युद्धकालीन रणनीतिक समन्वय में अहम भूमिका निभाते थे. खाड़ी क्षेत्र, परमाणु वार्ताओं और सैन्य प्रतिक्रिया की नीति तय करने में उनका प्रभाव माना जाता था. ऐसे में संघर्ष में उन्हें निर्णय-निर्माण की केंद्रीय कड़ी के रूप में देखा जाता है. वे रणनीतिक दृष्टि से वे संवेदनशील पद पर माने जाते थे और अमेरिका-इजरायल ने उन्हें रास्ते से हटा दिया है.

अजीज नसीरजादेह

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अजीज नसीरज़ादेह ईरान के रक्षा मंत्री के रूप में सैन्य योजना, हथियार आधुनिकीकरण और रक्षा तैयारियों की निगरानी करते हैं. माना जा रहा है कि इन्हें भी आज के हमले में मार गिराया गया है. वायुसेना पृष्ठभूमि होने के कारण वे हवाई रक्षा और ऑपरेशनल समन्वय में भी प्रभाव रखते थे. रक्षा मंत्रालय की भूमिका युद्धकाल में सैन्य संसाधनों की आपूर्ति और रणनीतिक क्षमता बनाए रखने की होती है. इसलिए किसी भी बाहरी टकराव की स्थिति में रक्षा तंत्र की कमान संभालने वाले चेहरे के रूप में वे महत्वपूर्ण माने जाते हैं. और इन्हें इसी वजह से पहले ही रास्ते से हटा दिया गया.

माजिद खदे़मी

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माजिद खदे़मी IRGC से जुड़े खुफिया और आंतरिक सुरक्षा तंत्र में प्रमुख भूमिका निभाते हैं. उनका काम संभावित जासूसी, साइबर हमलों और आंतरिक सुरक्षा खतरों की निगरानी से जुड़ा माना जाता है. संघर्ष की स्थिति में खुफिया जानकारी, प्रतिआतंक कार्रवाई और सूचना नियंत्रण अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं. इसी कारण वे सुरक्षा ढांचे के ऐसे हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसे रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है.

मसूद पेज़ेश्कियन

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मसूद पेज़ेश्कियन ईरान के राष्ट्रपति हैं और सरकार की कार्यकारी शाखा का नेतृत्व करते हैं. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईरान की आधिकारिक स्थिति रखना, आर्थिक और कूटनीतिक फैसलों को आगे बढ़ाना तथा संकट के समय नागरिक प्रशासन संभालना उनकी जिम्मेदारी होती है. मौजूदा युद्ध जैसी स्थिति में राष्ट्रपति की भूमिका राजनीतिक संदेश, कूटनीतिक प्रयास और आंतरिक स्थिरता बनाए रखने में अहम होती है, इसलिए वे भी वैश्विक नजर में प्रमुख शक्ति-केंद्र माने जाते हैं. इनके उपर भी हमला किया गया है.

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