- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्साय के महल में ईरान समझौते पर हस्ताक्षर किए
- ट्रंप ने समझौते पर उस डिनर के दौरान साइन किए जिसकी मेजबानी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने की
- ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी बुधवार को समझते की हार्ड कॉपी पर हस्तखत किए
अमेरिका-ईरान की जंग खत्म होने पर आधिकारिक रूप से मुहर लग गई है. आखिकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शांति समझौते पर दस्तखत कर दिए. फ्रांस में चल रहा G-7 शिखर सम्मेलन उस पल का गवाह बना, जब ट्रंप ने वर्साय के महल में ईरान समझौते पर हस्ताक्षर किए. ट्रंप ने इस समझौते पर उस डिनर के दौरान साइन किए जिसकी मेजबानी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ऐतिहासिक महल के अंदर की थी. यह पल अमेरिका और ईरान के बीच टकराव को खत्म करने की दिशा में महीनों तक चली बातचीत के बाद एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि साबित हुआ.
एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मैक्रों और अन्य मेहमानों के साथ डिनर टेबल पर बैठे ट्रंप पीस एग्रीमेंट की हार्ड कॉपी पर दस्तखत करते देखे जा सकते हैं. ट्रंप के हस्ताक्षर करते ही वहां मौजूद मेहमानों ने ताली बजाकर शांति के इस कदम का स्वागत किया.
The moment President Trump signs the Iran deal at the Palace of Versailles.
— Fox News (@FoxNews) June 18, 2026
The agreement was finalized during a dinner hosted by French President Emmanuel Macron inside the historic palace.
The signing marked a major diplomatic milestone after months of negotiations aimed at… pic.twitter.com/slt91WwA2O
कई दिनों तक इस खबर को सीक्रेट रखने के बाद बुधवार को अमेरिकी अधिकारियों ने मीडिया को ईरान के साथ हुए समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के बारे में जानकारी दी. नाम न बताने की शर्त पर उस ड्राफ्ट के बारे में अधिकारियों ने बताया था कि जिसे ईरान ने अभी तक जारी नहीं किया है, इस समझौते पर शुक्रवार को औपचारिक रूप से साइन किए जाने थे. लेकिन ट्रंप ने बुधवार को ही साइन कर दिए.
अमेरिका-ईरान समझौते की शर्तें
- अधिकारियों के मुताबिक, समझौते के अमेरिकी ड्राफ्ट में कुछ अहम बातें शामिल हैं, जैसे ईरान के हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को कम करने के लिए एक नया 'न्यूनतम' मानक.
- 60 दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बिना किसी शुल्क के गुजरने की व्यवस्था.हालांकि इस डील में भविष्य में शुल्क वसूलने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है.
- डील में लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हालिया हमलों के बाद उसकी क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के प्रावधान.
- इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे कुछ बड़े प्रतिबंधों को हटाने की दिशा में कदम उठाएगा, लेकिन उन्हें पूरी तरह खत्म नहीं करेगा.
स्विट्जरलैंड में होने से दस्तखत, ट्रंप ने वर्साय में ही कर दिए
अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को समझौते पर डिजिटल रूप से हस्तखत किए थे. शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाने थे, लेकिन समझौते के बारे में जानकारी देने वाले एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने बुधवार को वर्साय में रहते हुए ही इस पर दस्तखत कर दिए.
ईरान और अमेरिका दोनों ने किए दस्तखत
खास बात यह है कि सिर्फ अमेरिका ही नहीं ईरान ने भी इस एग्रीमेंट पर साइन कर दिए हैं. अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी बुधवार को समझते की हार्ड कॉपी पर हस्तखत किए. हालांकि ईरान ने इस पर अब तक कुछ भी नहीं कहा है. ये साफ नहीं हो पाया है कि क्या कदम के बाद अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की समय-सीमा शुरू हो गई है. ये भी साफ नहीं है कि वर्साय में ट्रंप के दस्तखत रविवार को किए गए डिजिटल दस्तखत से किस तरह अलग थे.
इनपुट- एपी
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