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ट्रंप से मांगी पनाह लेकिन अमेरिका से निकाला, साल भर में पति-पत्नी की हत्या, लाश के पास छोड़ गए मासूम बच्ची

जहां पति को अमेरिका के अधिकारियों से पकड़कर देश के बाहर निकाला था वहीं उसकी पत्नी ने मजबूरी में खुद से अमेरिका छोड़ दिया. अब इस परिवार की कहानी अब एक दर्दनाक अंत बन चुकी है.

ट्रंप से मांगी पनाह लेकिन अमेरिका से निकाला, साल भर में पति-पत्नी की हत्या, लाश के पास छोड़ गए मासूम बच्ची
अमेरिका से निकाले गए पति-पत्नी की हत्या, मासूम बेटी के सामने बिछीं लाशें (फोटो- सोशल मीडिया)

अमेरिका में जिस परिवार को रहने की जगह नहीं दी गई, वह अपने देश लौटने के एक साल के अंदर मौत का शिकार हो गया. ग्वाटेमाला के गन्ने के खेत में पति-पत्नी के शव मिले, उनके हाथ पीछे बंधे हुए थे, जबकि उनकी एक साल की मासूम बेटी को उनके पास जिंदा छोड़ दिया गया था. कभी बेहतर जिंदगी और सुरक्षा की तलाश में अमेरिका पहुंचे इस परिवार की कहानी अब एक दर्दनाक अंत बन चुकी है. निर्वासन, डर और बिछड़ने के खतरे के बीच पत्नी ने खुद अमेरिका छोड़कर पति का साथ चुना था, लेकिन घर लौटने के बाद उन्हें मौत मिल गई.

क्या है पूरा मामला?

43 साल के निक्सन जियोवानी पेरेज और 25 साल की ग्लेंडी मैरिसोल गोंजालेज की बॉडी ग्वाटेमाला के रेतालहुलेउ शहर के बाहर गन्ने के एक खेत में मिली है. उनके हाथ पीछे की तरफ बंधे हुए थे. यह शहर ग्वाटेमाला सिटी से करीब 180 किलोमीटर पश्चिम में है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ग्वाटेमाला के सरकारी वकीलों ने एक बयान में कहा कि मौका-ए-वारदात पर थोड़ी गई एक साल की उस बच्ची और उस कपल (पति-पत्नी) के दो अन्य बच्चों को उनके रिश्तेदारों की देखरेख में भेज दिया गया है. दोनों पिछले हफ्ते से लापता थे.

उनकी मौत इस बात को दिखाती है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े पैमाने पर लोगों को देश से निकालने के अभियान के बीच अमेरिका से निकाले गए लोगों को किन खतरों और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

पति को अमेरिका से निकाला गया, पत्नी ने खुद छोड़ा अमेरिका 

इस परिवार की परेशानी पिछले साल शुरू हुई थी, जब पेरेज और उनके भाई को अमेरिका में इमिग्रेशन अधिकारियों ने पकड़ लिया था. दोनों छत बनाने के काम पर जा रहे थे. पेरेज ग्वाटेमाला में हिंसा और गरीबी से बचकर अमेरिका गए थे, लेकिन पिछले साल उन्हें वापस ग्वाटेमाला भेज दिया गया. उनके भाई रोलांडो के मुताबिक, ग्लेंडी गोंजालेज भी हाल के हफ्तों में खुद ही अमेरिका छोड़कर अपने पति के पास ग्वाटेमाला लौट आई थीं.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के मिसौरी वर्कर्स सेंटर ने कहा है कि वह रविवार को पेरेज और गोंजालेज की याद में एक शोक सभा करेगा. गोंजालेज इस संगठन की प्रवासी अधिकार समिति की सदस्य थीं. संगठन ने सोशल मीडिया पर लिखा, "बेटी को जन्म देने के सिर्फ तीन हफ्ते बाद ही ग्लेंडी हमारी फुएरजा बैठकों में आने लगी थीं. वह एक साथ दो नौकरियां कर रही थीं, नए लोगों को जोड़ रही थीं और हर कार्यक्रम में शामिल हो रही थीं, जबकि उनकी जिंदगी बिखर रही थी."

संगठन ने आगे कहा, "जून में अपनी बेटियों की सुरक्षा और परिवार को एक साथ रखने के लिए, और इस डर से कि कहीं उनकी बेटियों की जिम्मेदारी उनसे न छीन ली जाए, ग्लेंडी ने ग्वाटेमाला लौटने का बहुत मुश्किल फैसला लिया. उसे अमेरिका में शरण देने संबंधी मामले की सुनवाई 2027 में होनी थी."

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के पहले छह महीनों में करीब 32 हजार लोगों को ग्वाटेमाला भेजा गया. यह संख्या पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 47 प्रतिशत ज्यादा है. इनमें से 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को अमेरिका से भेजा गया, जबकि बाकी लोगों को मेक्सिको से भेजा गया. ग्वाटेमाला सरकार ने सोमवार को देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना का ऐलान किया. सरकार का कहना है कि पिछले एक हफ्ते में हत्या की घटनाओं में जो तेज बढ़ोतरी हुई है, उसके पीछे संगठित क्रिमिनल गैंग हैं.

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