- अमेरिका ने अपना जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके युद्धपोत मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तैनात कर दिए हैं
- ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ईरानी आर्मी किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने को तैयार है
- मिलिट्री एक्सपर्ट के अनुसार ईरान के सस्ते और बड़ी संख्या में मौजूद ड्रोन अमेरिकी युद्धपोतों पर गंभीर खतरा हैं
अमेरिका और ईरान में एक बार फिर तनाव बढ़ता हुआ दिख रहा है. फाइटर जेट्स ले जाने में सक्षम अमेरिका का जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln carrier) और उसके साथ तमाम सहायक युद्धपोत मिडिल ईस्ट क्षेत्र में आ गए हैं. अब अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आदेश देते हैं तो अमेरिकी सेना कभी भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकती है. दूसरी तरफ ईरान में बैठी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सरकार ने चेतावनी दी है कि सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर की गई उसकी कार्रवाई के जवाब में अगर अमेरिका किसी भी तरह का हमला करता है तो उसकी आर्मी जवाब देने के लिए तैयार है.
इतना ही नहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन का ड्रोन से लिया क्लोज-अप फुटेज जारी किया है. इस तरह से सख्त चेतावनी दी है कि किसी फाइटर जेट के उड़ान भरने से पहले ही ईरान के उसके आत्मघाती ड्रोन अमेरिकी युद्धपोतों पर हमला कर सकते हैं. एक्सपर्ट भी कह रहे हैं कि ईरान के ये सस्ते लेकिन बड़े तादाद में मौजूद ड्रोन अमेरिका के इस जंगी जहाज और उसके साथ चल रहे युद्धपोतों के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं. चलिए आपको बताते हैं कैसे.
मिडिल ईस्ट में पहुंचे अमेरिकी के जंगी जहाज और युद्धपोत
अमेरिकी सेना ने सोमवार, 26 जनवरी को कहा कि उसका यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मध्य पूर्व में पहुंच गया है. इसमें फाइटर जेट्स ले जाने में सक्षम जंगी जहाज के साथ कई युद्धपोत शामिल हैं. इससे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिका की मारक क्षमता में बहुत वृद्धि हो गई है. ईरान की सरकार जब विरोध-प्रदर्शनों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रही थी तब ट्रंप ने हमले की धमकी दी थी. उसी वक्त इस जंगी जहाजों और उसके साथ चलने वाले युद्धपोतों को इस क्षेत्र में जाने का आदेश दिया गया था. भले अभी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से पीछे हट गए हैं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा है कि अभी भी उनके पास सभी विकल्प मौजूद हैं.
मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी सेना की जिम्मेदारी यूएस सेंट्रल कमांड के पास है. इसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा है, "वर्तमान में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए स्ट्राइक ग्रुप को मिडिल ईस्ट में तैनात किया गया है."
ईरान की ड्रोन वाली धमकी
ईरान की आर्मी- रिवोल्यूशनरी गार्ड ने ड्रोन से लिया गया एक क्लोज-अप फुटेज जारी किया है. इसमें अमेरिकी जंगी यूएसएस अब्राहम लिंकन बेहद करीब से नजर आ रहा है. ईरान ने इसके जरिए अमेरिका को एक सिग्नल दिया है कि अगर उसके कोई फाइटर जेट उड़े तो वो जब चाहे तब इन आत्मघाती ड्रोन से उसपर हमला कर सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान का कहना है कि वीडियो हाल का नहीं है लेकिन इसके जरिए अमेरिका को मैसेज दिया जा रहा है कि ईरान तैयार पूरी तरह है.
रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर ने कहा कि ईरान की सेनाएं पहले से कहीं अधिक तैयार हैं और उनकी उंगली ट्रिगर पर ही हैं.
अमेरिका के लिए क्यों खतरनाक साबित हो सकते हैं ईरानी ड्रोन?
मिडिल ईस्ट में पहुंचे अमेरिका के जंगी जहाजों को ईरान के ड्रोन झुंडों से गंभीर खतरे का सामना करना पड़ सकता है. यह बात खुद मिलिट्री एक्सपर्ट बता रहे हैं. फॉक्स की रिपोर्ट के अनुसार ड्रैगनफ्लाई के CEO और को-फाउंडर कैमरन चेल ने चेतावनी दी कि कम लागत वाले ड्रोनों पर ईरान ने अपनी निर्भरता बढ़ा दी है. ये यूएसएस अब्राहम लिंकन स्ट्राइक ग्रुप के साथ-साथ हाई वैल्यू वाली अमेरिकी नौसैना की दूसरी संपत्तियों के लिए एक विश्वसनीय खतरा पैदा करती है. चेल ने फॉक्स न्यूज डिजिटल को बताया, "ईरान की ड्रोन क्षमताओं की कीमत करोड़ों डॉलर में है."
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान के ये ड्रोन उसकी कम लागत वाले हथियारों के लिए सस्ते डिलीवरी प्लेटफॉर्म के रूप में काम करते हैं. ईरान दूर से ही इन्हें कंट्रोल कर सकता है. समूह में ये ड्रोन अमेरिका की एडवांस जंगी जहाज के लिए भी प्रभावी खतरा पैदा कर सकते हैं. चेल ने कहा, "अगर कम समय में सैकड़ों ड्रोन लॉन्च किए जाते हैं, तो उनमें से कुछ का सफल होना लगभग तय है."
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं